बिजनेस मॉडल की बात करें तो यह स्टार्टअप B2B (रिसॉर्ट्स) और B2C (200 से अधिक फिक्स्ड ग्राहक) दोनों मॉडल्स पर काम करता है। माइक्रोग्रीन्स की एक ट्रे या बॉक्स की कीमत 199 रुपये है। आज माइक्रोग्रीन्स की बिक्री से हर महीने 4 से 6 लाख रुपये की कमाई होती है। वहीं, रविंद्र की ओर से चलाए जाने वाले 12-हफ्तों के विशेष एग्रीप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम से लगभग 2 लाख रुपये महीना अतिरिक्त आते हैं। इस तरह उनका सालाना रेवेन्यू 70 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। खास बात यह है कि शहर से आने वाले बड़े ऑर्डर्स को वह खुद पूरा करने के बजाय उन्हीं किसानों को सौंप देते हैं जिन्हें उन्होंने खुद ट्रेनिंग दी है। भविष्य के लिए रविंद्र की योजना माइक्रोग्रीन्स को फ्रीज-ड्राई करके पाउडर फॉर्मेट में बदलने की है ताकि इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ सके। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी शुद्ध ऑर्गेनिक न्यूट्रिएंट्स के रूप में सप्लाई की जा सके।