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CCTV कैमरा, QR कोड से लेकर App तक का यूज, ट्रेन के AC डिब्बों से ऐसे रुकेगी कंबल-चादरों की चोरी

Updated on 15-07-2026 02:40 PM
नई दिल्ली: पिछले दिनों ही यह खबर आई थी कि ट्रेन के एसी डिब्बों (AC Coach) से बेडरोल आइटम्स चोरी हो रहे हैं। ट्रेन से लाखों की संख्या में कंबल (Blanket), चादर (Bedsheet), तकिये (Pillow) और तैलिये (Face Towel) गायब होने की घटना को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। अब मंत्रालय (Ministry of Railways) ने एक बहुआयामी रणनीति बनाई है। उम्मीद है कि इससे ट्रेन से चादर-तौलिये आदि की चोरी रुकेगी।

रेल मंत्री ने दिया है निर्देश

इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने बीते दिनों ट्रेन से कंबल-चादर चोरी होने की रिपोर्ट दी थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले दिन जब “52 reforms in 52 weeks" पहल पर एक प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे, तब इससे जुड़ा सवाल भी आया। इसके बाद रेल मंत्री ने अधिाकारियों से इस बारे में एक्शन प्लान मांग लिया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिकि जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच देशभर की ट्रेनों से लगभग 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम्स गायब हो गए हैं। गायब हुए इन कंबल, चादर, तौलिये और तकिए की कीमत 104.51 करोड़ रुपये है।

कोच मित्र ऐप से होगी निगरानी

बेडरोल पर नजबर रखने के लिए रेलवे अब कोच मित्र (Coach Mitra) मोबाइल ऐप का उपयोग करना शुरू किया है। उस रिपोर्ट से पता चला था कि बेडरोल की सबसे ज्यादा चोरी बीकानेर डिवीजन में होती है। इसलिए वहां इस ऐप का उपयोग शुरू हो गया है। वहां अब एसी कोच में बेड रोल के वितरण और उसे वापस लेते वक्त इस मोबाइल ऐप में सूचना दर्ज की जा रही है। इससे पता चलता है कि किस पैसेंजर ने बेडरोल वापस नहीं किया या फिर बेडरोल में से कौन सा सामान मिसिंग है।

क्यूआर कोड

रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड एक और कदम पर गंभीर रूप से विचार किया जा रहा है। यह है लिनन आइटम्स पर क्यूआर-कोड QR Codes टैगिंग का प्रस्ताव। इस प्रस्ताव के तहत यात्रियों को मिलने वाली चादरों, कंबलों, तौलिये और अन्य बेडरोल कंपोनेंट्स पर यूनिक क्यूआर कोड होंगे। इससे उस आइटम का लाइफ साइकल जाना जा सकेगा। मतलब कि इसकी खरीद कब हुई, कब से इसका यूज हो रहा है। इसे किस लाउंड्री में धोया गया है। बस, एक बार क्यूआर कोड स्कैन करें, रेलवे लॉन्ड्री और स्टोरेज डिपो से लेकर ऑनबोर्ड डिस्ट्रीब्यूशन और कलेक्शन तक की सारी जानकारी सामने आ जाएगी।

सीसीटीवी से निगरानी

भारतीय रेल के कई डिवीजन चोरी पर लगाने के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से निगरानी बढ़ा रहे हैं। उत्तर रेलवे के अंबाला डिवीजन ने कहा है कि चोरी को कम करने के लिए कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये सीटीसीटीवी कैमरे एआई इनेबल्ड हैं। मतलब कि इससे अन्य चीजों के अलावा यह भी पता लगाया जा सकता है कि कौन यात्री लिनेन का यूज या मिसयूज कर रहा है। कौन उसे अपने बैग या सूटकेस में भर के ला जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन सामानों की चोरी रुकेगी।

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