बिसलेरी की सबसे बड़ी चुनौती उसका जेनेरिक नाम बनना और इसके मिलते-जुलते नाम वाली नकली या लोकल बोतलों का बाजार में आना रहा है। इसके जवाब में बिसलेरी ने न सिर्फ कानूनी कदम उठाए, बल्कि उपभोक्ता जागरूकता कैंपेन भी चलाए। पेप्सीको (एक्वाफिना), कोका-कोला (किनले) और टाटा (हिमालयन) जैसी दिग्गज कंपनियों के तगड़े मुकाबले के बावजूद बिसलेरी ने अपने पहले-आने के फायदे यानी फर्स्ट-मूवर एडवांटेज को बनाए रखा। मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन के दम पर बाजार में अपनी नंबर-1 स्थिति बरकरार रखी। वर्तमान में 25 से ज्यादा देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी बिसलेरी प्रीमियम हिमालयन मिनरल वॉटर 'वेदिका', कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन के विस्तार के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।