- दुनिया के मुश्किल हालात, जिसमें कई टकराव और 4F (खाना, ईंधन, खाद और फाइनेंस) का संकट शामिल है।
- जबरदस्त होड़ और गहरी आपसी निर्भरता का विरोधाभास।
- हालात की अविभाज्यता के लिए एकजुट नजरिए की जरूरत है।
- मौजूदा उथल-पुथल की कई वजहें हैं।
- मल्टीपोलैरिटी (बहुध्रुवीयता) का अपरिहार्य होना।