- 640 पैट्रियट PAC-3 इंटरसेप्टर- अमेरिका में बना पैट्रियट PAC-3 एयर डिफेंस सिस्टम छोटी और मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। सऊदी अरब के पास जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल सुविधाओं की रक्षा के लिए सैकड़ों ऐसे हिट-टू-किल इंटरसेप्टर हैं।
- THAAD यूनिट एक्टिवेट- पिछले साल सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर अपनी पहली टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) यूनिट एक्टिवेट कर दी थी। यह एक एडवांस्ड अमेरिकन सिस्टम है और जरूरी अपर-टियर लेयर देता है। ये एयर डिफेंस सिस्टम पृथ्वी के एटमॉस्फियर के अंदर और बाहर दोनों जगह बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर देता है।
- 3.2 अरब डॉलर का KM-SAM ब्लॉक II- सऊदी अरब ने KM-SAM ब्लॉक II सिस्टम खरीदने के लिए दक्षिण कोरिया के साथ 3.2 अरब डॉलर की डील की थी। चेओंगंग-II के नाम से जाना जाने वाला यह एक मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है। ये लोअर-टियर टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों और एयरक्राफ्ट को इंटरसेप्ट करने में माहिर है।
- 35mm स्काईगार्ड ट्विन कैनन- वहीं करीबी सुरक्षा के लिए सऊदी अरब ओर्लिकॉन स्काईगार्ड 35mm ट्विन कैनन जैसी पारंपरिक एंटी-एयरक्राफ्ट आर्टिलरी का इस्तेमाल करता है। ये सिस्टम आधुनिक रडार के साथ एक्टिवली इंटीग्रेटेड हैं ताकि कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को नष्ट किया जा सके।
- 30kW चीनी लेजर हथियार- सऊदी अरब, चीन का साइलेंट हंटर जो 30-kilowatt का फाइबर-ऑप्टिक लेजर सिस्टम है, उसका भी इस्तेमाल करता है। ये सुसाइड ड्रोन के खिलाफ कारगार माना जाता है। लेकिन ये लेजर डिफेंस सिस्टम सऊदी अरब के रेगिस्तानी इलाकों में कारगार नहीं हो पाया है। रेगिस्तान में उठने वाली तेज धूल और तेज गर्मी में लेजर की ऑप्टिकल ट्रैकिंग बार बार बेअसर हो गई थी।
- 360-डिग्री इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग- रेगिस्तानी इलाकों में चीनी लेजर एयर डिफेंस की नाकामी को देखते हुए सऊदी सेना इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और जैमिंग गाड़ियों पर बहुत ज्यादा फोकस किया है। सऊदी ने चीन से JN1101 जैसे सिस्टम खरीदे हैं। ये सिस्टम हवा में कम्युनिकेशन और नेविगेशन सिग्नल को रोककर ड्रोन के झुंड को सफलतापूर्वक बेअसर कर देते हैं।