मध्य प्रदेश सरकार ने निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
नए प्रावधानों के तहत अब गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता लेने वाले निजी स्कूलों पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही संबंधित स्कूल की मान्यता भी समाप्त की जा सकेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने संशोधित नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है।
सरकार ने छात्र संख्या के आधार पर सुरक्षा जमा राशि भी निर्धारित की है। हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि बैंक एफडी के रूप में प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी के संयुक्त नाम से जमा करनी होगी।