भोपाल। रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेसहारा, भिक्षुक, निराश्रित, महिलाओं और बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश जीआरपी का 'आपरेशन हमदर्द' प्रभावी साबित हो रहा है।
अभियान के पहले दो दिनों में ही प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले 235 लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया। इनमें 1 जुलाई को 150 और 2 जुलाई को शाम छह बजे तक 85 लोगों का विस्तृत विवरण दर्ज किया गया।