सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने लू के लक्षणों के बारे में बताया। इनमें सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द, शरीर का तापमान अधिक होने पर भी पसीना न आना, अधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना, भूख न लगना और बेहोश होना शामिल हैं।
CMHO ने लू से बचने के धरेलू उपाय दिए और कहा हाइड्रेटेड रहें
लू से बचाव के लिए उन्होंने कुछ उपाय सुझाए हैं। बहुत आवश्यक न होने पर घर से बाहर न निकलें। धूप में निकलने से पहले सिर और कानों को कपड़े से अच्छी तरह ढक लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान मुलायम सूती कपड़े पहनें ताकि हवा का संचार हो और पसीना सोखता रहे।
अधिक पसीना आने की स्थिति में ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) घोल पिएं। शीतल पेय जल, फलों का रस, लस्सी और मठा का सेवन समय-समय पर करते रहें।
उल्टी, सिर दर्द या तेज बुखार की दशा में तुरंत हॉस्पिटल या पास के स्वास्थ्य केंद्र से सलाह लें। लू लगने पर हुअरी इलाज के लिए , पीड़ित व्यक्ति के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाएं। कच्चे आम का पना और जलजीरा का सेवन करें। पीड़ित को पंखे या कूलर के सामने लिटाएं और शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहें। शीघ्र ही उसे नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाएं। ओआरएस पैकेट के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन या एएनएम से संपर्क किया जा सकता है।