Select Date:

भारत की इकोनॉमिक रैंकिंग घटकर छठे स्‍थान पर क्‍यों आ गई है? सरकार ने दिया जब इस सवाल का जवाब

Updated on 13-08-2026 12:54 PM
नई दिल्‍ली: अमेरिकी डॉलर के हिसाब से किसी भी अर्थव्यवस्था का आकार कई चीजों पर निर्भर करता है। इनमें नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट और करेंसी एक्सचेंज रेट जैसी चीजें शामिल हैं। पिछले साल रुपये पर दबाव और नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट में बदलाव के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था ग्लोबल इकोनॉमिक रैंकिंग में छठे स्थान पर आ गई है। यह बात इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की अप्रैल 2026 की 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर्ट में बताई गई है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने अपनी अप्रैल 2026 की 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर्ट में 2025-26 के लिए भारत की नॉमिनल GDP 3.92 ट्रिलियन डॉलर बताई है। इससे भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।' उन्होंने यह बात प्रमुख ग्लोबल अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत के पीछे रहने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कही।
हालांकि, मंत्री ने यह भी बताया कि IMF की रैंकिंग मौजूदा यूएस डॉलर एक्सचेंज रेट पर मापी गई नॉमिनल जीडीपी पर आधारित होती है।

कई वजहों से बदल सकती है रैंकिंंग


पंकज चौधरी ने कहा, 'इसलिए, अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग कई वजहों से बदल सकती है। जैसे कि आर्थिक विकास, एक्सचेंज रेट और कीमतों में उतार-चढ़ाव, नेशनल अकाउंट्स में बदलाव और दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के आकार और विकास में बदलाव।'

भारत 2019 में 2.94 ट्रिलियन डॉलर के आकार के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था। रैंकिंग में गिरावट के बावजूद अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है।

एक अहम वजह 2022-23 के बेस ईयर वाली नई जीडीपी सीरीज है। इसने वित्त वर्ष 2025-26 में नॉमिनल जीडीपी (यानी मौजूदा कीमतों पर GDP) को 345.47 ट्रिलियन रुपये तय किया है। पुरानी सीरीज की तुलना में नई सीरीज में अर्थव्यवस्था का नॉमिनल आकार कम हो गया है।

मजबूत बनी हुई है अर्थव्यवस्था

इस बीच, हाल के सालों में भारतीय रुपये की कीमत में काफी गिरावट आई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सालाना औसत एक्सचेंज रेट वित्त वर्ष 2021-22 में 74.23 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 88.31 हो गया। तब से रुपया और गिरा है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.4 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

अर्थव्यवस्था भी मजबूत बनी हुई है। यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है। फिच रेटिंग्स की हालिया रिपोर्ट में भारत की सॉवरेन रेटिंग को 'स्टेबल आउटलुक' के साथ 'BBB-' पर बनाए रखा गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह रेटिंग देश की मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं और ठोस बाहरी वित्तीय बुनियादी बातों को दिखाती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 August 2026
नई दिल्ली: भारत में सबसे सस्ते स्मार्टफोन अब तेजी से गायब हो रहे हैं। फोन बनाने के पार्ट्स महंगे होने की वजह से कंपनियों के लिए 9,000 रुपये से कम…
 13 August 2026
नई दिल्ली: सरकार ने SC/ST (प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज) एक्ट को और मजबूत करने का फैसला किया है। इसे बेहतर ढंग से लागू करने के लिए स्पेशल पुलिस स्टेशन और कोर्ट…
 13 August 2026
नई दिल्‍ली: प्राइवेट और सरकारी हेल्थकेयर के खर्च में बहुत ज्‍यादा फर्क है। लोकल सर्किल्‍स के एक नए सर्वे के नतीजों से इसका पता चलता है। इसके मुताबिक, प्राइवेट हॉस्पिटल…
 13 August 2026
नई दिल्‍ली: अमेरिकी डॉलर के हिसाब से किसी भी अर्थव्यवस्था का आकार कई चीजों पर निर्भर करता है। इनमें नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट और करेंसी एक्सचेंज रेट जैसी चीजें शामिल…
 13 August 2026
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है। लेकिन जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 3 फीसदी उछल गया। कंपनी ने घोषणा…
 13 August 2026
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी में खत्म हो रहा है और उन्होंने कंपनी…
 13 August 2026
नई दिल्ली: देश का सबसे बड़ा औद्योगिक घराना टाटा ग्रुप एक बार फिर चर्चा में है। इसकी वजह यह है कि ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन…
 12 August 2026
नई दिल्ली: एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनका लगभग एक दशक लंबा कार्यकाल अचानक खत्म हो गया है। सूत्रों…
 12 August 2026
नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल आज से महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 60 पैसे का 'अनाथ और विधवा सेस'लगाया…
Advt.