भारत के बहु-ध्रुवीय विजन पर सीधा प्रहार
ब्रह्मा चेलानी ने स्पष्ट किया कि यह अनौपचारिक G2 ढांचा भारत के राष्ट्रीय हितों के भी बिल्कुल खिलाफ है। दरअसल, भारत लंबे समय से एक 'मल्टीपोलर एशिया' (कई ध्रुवों वाले एशिया) की वकालत करता रहा है, जहां किसी एक या दो शक्तियों का दबदबा न हो। चेलानी के मुताबिक, अमेरिका और चीन का यह गठजोड़ भारत के इस क्षेत्रीय विजन के पूरी तरह उलट है और यह एशिया में शक्ति संतुलन को बिगाड़ सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि चेलानी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अमेरिकी विदेश नीति में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सुरक्षा समीकरणों में भारी उथल-पुथल की संभावना बढ़ गई है।