आम आदमी पर पड़ेगा असर
इय युद्ध की सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। अर्थशास्त्रियों के अनुसार अगर मौजूदा हालात बने रहते हैं, तो कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा कंपनियां उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं। हालांकि कंपनियों कुछ बोझ खुद भी वहन कर सकती हैं।- वित्त वर्ष 2026-27 में खुदरा महंगाई 5% से 5.5% के बीच रह सकती है।
- अगर कच्चे तेल में 10% की तेजी आती है, तो थोक महंगाई 100-150 बेसिस पॉइंट तक बढ़ सकती है। इससे रोजमर्रा के सामान (प्रोसेस्ड फूड, कपड़े) महंगे हो सकते हैं।