भोपाल। बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है। सरकारें उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती हैं। मध्य प्रदेश सरकार भी वर्षों से कुपोषण के खिलाफ अभियान चला रही है और हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-6 की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश के सामने एक चिंताजनक तस्वीर रख दी है।
रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में कुपोषण घटने के बजाय कई महत्वपूर्ण संकेतकों में बढ़ गया है। यह न केवल सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि प्रदेश के भविष्य को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है