राजा भोज एयरपोर्ट पर 'अतिथि देवो भव': तिलक लगाकर हुआ यात्रियों का शाही स्वागत, लोक नृत्य देख झूम उठे मुसाफिर
Updated on
15-06-2026 12:10 PM
भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित राजा भोज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार को ‘यात्री सेवा दिवस’ उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों का पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप तिलक लगाकर स्वागत और सम्मान किया।
कार्यक्रम के दौरान एयरपोर्ट परिसर में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन भी किया गया, जिसने यात्रियों का ध्यान आकर्षित किया। लोक संस्कृति और भारतीय परंपराओं की झलक प्रस्तुत करने वाले कार्यक्रमों ने एयरपोर्ट के माहौल को उत्सवमय बना दिया।
यात्रियों काे सम्मान और सुविधा देना ही उद्देश्य
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के नेतृत्व में एयरपोर्ट का पूरा स्टाफ कार्यक्रम में मौजूद रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने यात्रियों से संवाद कर उन्हें बेहतर सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि ‘यात्री सेवा दिवस’ का उद्देश्य यात्रियों को सम्मानजनक और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ भारतीय आतिथ्य परंपरा से परिचित कराना है। कार्यक्रम के दौरान यात्रियों ने भी इस पहल की सराहना की और एयरपोर्ट प्रशासन के प्रयासों को सकारात्मक बताया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां…
भोपाल। मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को बड़ी पहचान मिली है। भोपाली बटुआ एवं जरी क्राफ्ट सहित प्रदेश के चार विशिष्ट उत्पादों को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक…
भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित राजा भोज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार को ‘यात्री सेवा दिवस’ उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों का पारंपरिक…
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) द्वारा वर्षों से बिना निरीक्षण के बीएड एवं नर्सिंग कॉलेजों को संबद्धता और निरंतरता प्रदान किए जाने का मामला अब सवालों के घेरे में आ गया…
भोपाल। बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है। सरकारें उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती हैं। मध्य प्रदेश सरकार भी वर्षों से कुपोषण के खिलाफ…
भोपाल। सुबह की पहली चाय से लेकर रात के अंतिम काम तक, करोड़ों भारतीय गृहिणियां बिना वेतन, बिना छुट्टी और बिना किसी औपचारिक मान्यता के लगातार काम करती हैं। खाना…