कमर्शियल फेज की तैयारी
इस बीच स्पेस रेगुलेटर और प्रमोटर INSPACe के चेयरमैन विवेक गोयनका ने शुक्रवार को एक बिजनेस कॉन्क्लेव में कहा कि भारत कमर्शियल विस्तार के दौर में प्रवेश करने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि 2033 तक स्पेस सेक्टर में ग्रोथ $8 बिलियन से बढ़कर $44 बिलियन हो जाएगी। इस $44 बिलियन में से $11 बिलियन विदेशी ग्राहकों से आने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि 450 स्पेस स्टार्टअप्स में से 20 स्टार्टअप्स कमर्शियल चरण को बढ़ाने के लिए तैयार हो चुके हैं। स्काईरूट की ऑर्डर बुक अगले 2-3 साल के लिए भरी हुई है। इसी तरह अग्निकुल भारत की पहली कंपनी है जो रियूज रॉकेट पर काम कर रही है। पिक्सेल IN-SPACe पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स का एक ग्रुप बना रही है।