चालान में दर्ज गवाहों के मुताबिक, घटना के बाद इमरजेंसी में ट्विशा की जांच करने वाले डॉक्टरों के बयान पुलिस ने नहीं लिए। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से भी पूछताछ नहीं की गई। डॉक्टरों ने सीबीआई को यह जानकारी दी है।
चालान के अनुसार, घटना की रात एसआई दिनेश शर्मा गिरिबाला के घर पहुंचे और छत व पहली मंजिल स्थित ट्विशा के कमरे की जांच की। ट्विशा का कमरा सील किया गया, लेकिन छत के गेट पर सिर्फ कुंडी लगाई गई। अगले दिन 13 मई को एफएसएल अधिकारी एके बरौनिया टीम के साथ पहुंचे तो छत का गेट खुला मिला। इस दौरान आरोपी घर में ही मौजूद थे।
2 लाख कैश लिए तब बारात बढ़ी
शादी में बारात एक गेस्ट हाउस में रुकी थी। गिरिबाला ने ट्विशा के घरवालों को कॉल कर गेस्ट हाउस बुलाया। यहां ट्विशा की मां और ट्विशा पहुंचे थे और अंदर कमरे में गए थे। बाहर निकलने पर ट्विशा ने कहा था कि उसे शादी नहीं करनी है।
गिरिबाला ट्विशा के घरवालों से 50 लाख रुपए की मांग कर रही थी। ट्विशा के पिता ने उन्हें समझाया कि अभी उनके पास सिर्फ 2 लाख रुपए हैं। कई बार अनुरोध पर गिरिबाला ने 2 लाख लिए बारात बढ़ाई।