प्रस्ताव के अनुसार उज्जैन में सिंहस्थ मेला कार्यालय स्थायी रूप से संचालित किया जाएगा। वर्तमान में मेला कार्यालय केवल सिंहस्थ आयोजन के दौरान सक्रिय रहता है, लेकिन अब इसे नियमित रूप से चलाया जाएगा।
यह कार्यालय हर 12 साल में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ और 6 साल में आयोजित अर्धकुंभ की तैयारियों, योजना और प्रबंधन से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगा। कार्यालय शुरू करने की प्रशासनिक तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
कैबिनेट बैठक में सहकारिता विभाग का महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसमें प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण देने वाली योजना को वर्ष 2026-27 में भी जारी रखने की मंजूरी दी जा सकती है।
प्रदेश में करीब एक करोड़ किसान हैं, जिनमें से लगभग 24 लाख किसान सहकारी बैंकों से जुड़े हैं। ये किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण लेते हैं। निर्धारित अवधि के भीतर ऋण चुकाने पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता। इस ब्याज की राशि राज्य सरकार स्वयं वहन करती है।
कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा