भोपाल। राजधानी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं ने नई तरह की समस्या सामने रखी है।
उन्होंने कहा कि उन्हें बिजली की खपत या मीटर की रीडिंग से ज्यादा परेशानी इस बात से है कि दो से तीन माह तक नियमित बिजली बिल नहीं भेजे गए। इसके बाद पूरी अवधि की खपत जोड़कर एक साथ हजारों रुपये का बिल थमा दिया गया। इससे घरेलू बजट पर अचानक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कई बार मीटर लगाने वाली एजेंसी स्मार्ट मीटर लगा देती हैं, लेकिन उसका डेटा अपलोड नहीं करती। जिस कारण इस तरह की दिक्कत हो जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए संबंधित एजेंसी पर कारवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं के शिकायतों का भी निपटारा जल्द से जल्द किया जाएगा।
प्रदीप सिंह चौहान, जीएम, बिजली कंपनी भोपाल