पाकिस्तान के 24 करोड़ लोगों पर क्यों मंडराया पानी का संकट?
- वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में करीब 65 वर्ष पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के जल को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ था।
- भारत अब पाकिस्तान के साथ नदियों के बहाव और मौसम से जुड़े बदलाव से जुड़े 'हाइड्रोलॉजिकल डेटा' शेयर नहीं कर रहा है। पाकिस्तान के लिए अब बाढ़, सूखा और खेती की योजना बनाना मुश्किल हो गया है।
- भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के अधिकारियों को नदियों के संयुक्त निरीक्षण के लिए भारत आने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
सिंधु जल संधि के तहत पूर्वी नदियों जैसे रावी, ब्यास, सतलुज का पानी भारत को और पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम, चेनाब का पानी पाकिस्तान को आवंटित था। अब भारत पश्चिमी नदियों पर भी बांध, भंडारण और जलविद्युत परियोजनाएं बनाने के लिए स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ रहा है।