एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार, 'एयर साइड' वह संवेदनशील हिस्सा होता है जहां विमानों का संचालन, टेकऑफ और लैंडिंग जैसी मुख्य गतिविधियां होती हैं। सुरक्षा के लिहाज से यहां की छोटी से छोटी व्यवस्था भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए रनवे और अन्य जरूरी क्षेत्रों की मार्किंग को समय-समय पर री-पेंट (नया) किया जा रहा है, ताकि पायलटों को लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान स्पष्ट संकेत मिल सकें और विमान संचालन में कोई बाधा न आए।
रनवे और उसके आसपास के हिस्सों से 'फॉरेन ऑब्जेक्ट डेब्रिस' (FOD) यानी छोटे-छोटे बाहरी पदार्थों और कचरों को लगातार हटाया जा रहा है। ये छोटे कण या सामग्रियां विमान के इंजन या अन्य तकनीकी हिस्सों में फंसकर उन्हें भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। नियमित निरीक्षण के जरिए सुरक्षा मानकों को परखा जा रहा है ताकि किसी भी संभावित जोखिम की समय रहते पहचान कर उसका समाधान किया जा सके।
एयरपोर्ट प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार एयर साइड सुरक्षा, ऑपरेशनल दक्षता और उच्चतम मानकों को बनाए रखना है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और एयरलाइंस को एक सुरक्षित, विश्वसनीय और बेहतर यात्रा अनुभव देने के लिए यह सक्रिय निगरानी और मेंटेनेंस कार्य आगे भी लगातार जारी रहेगा।