सस्ती हो जाएंगी महंगी गाड़ियां! सरकार ने ब्रिटेन से FTA को लेकर बनाए नियम, 15 जुलाई से लागू हो रहा करार
Updated on
11-07-2026 12:47 PM
नई दिल्ली: ब्रिटेन के साथ 15 जुलाई से लागू होने जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से भारत में हाई-एंड कारों के शौकीनों का आनंद बढ़ने जा रहा है। इसके तहत ब्रिटेन से आने वाली ऐसी कारों पर 110% से चरणबद्ध ढंग से घटकर 10% तक रह जाएगी। करार में कारों के कम ड्यूटी पर आयात के लिए एक कोटा तय किया गया है। अब सरकार ने आयातकों के लिए कोटा आधारित छूट की मंजूरी पाने की प्रक्रिया नोटिफाई कर दी है।
सरकार ने कहा है कि आयातकों को ब्रिटेन से जारी एक प्रमाण पत्र पेश करना होगा कि गाड़ी वहीं बनी है, किसी दूसरे देश की नहीं है। करार के तहत शुरुआती 15 वर्षों में रियायती कस्टम्स ड्यूटी पर परंपरागत इंजनों वाली 3.78 लाख पैसेंजर कारों का आयात होगा। इन पर ड्यूटी घटते घटते पांचवें साल में 10% हो जाएगी।
कितनी होगी ड्यूटी?
साथ ही, 1.37 लाख इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन कारों का आयात भी होगा। इन पर ड्यूटी छूट छठे साल से लागू होगी। पहले साल परंपरागत इंजन वाली 20000 पैसेंजर कारें आयात की जा सकेंगी। इनमें 3000 सीसी से ज्यादा क्षमता की पेट्रोल और 2500 से ज्यादा क्षमता वाली डीजल की 10000 तक गाड़ियां होंगी। इन पर ड्यूटी 30% होगी।
US को जल्दबाजी में रियायत न दे भारत
इस बीच SBI रिसर्च ने कहा है कि भारत को अमेरिका के साथ जारी व्यापार समझौता वार्ता में जल्दबाजी में रियायत नहीं देनी चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका टैरिफ, रक्षा और रणनीतिक मुद्दे पर अनिश्चिचतता को मोलभाव के हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में भारत को बातचीत जारी रखते हुए जरुरत पड़ने पर बदली जा सकने वाली पेशकश करनी चाहिए। भारत का बड़ा घरेलू बाजार, दवा उद्योग और इंडो-पैसिफिक में उसकी रणनीतिक भूमिका उसे मजबूत स्थिति देती है।
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