Select Date:

सिर्फ ‘बीमारी छिपाई’ कहकर नहीं बचेंगी बीमा कंपनियां

Updated on 22-06-2026 01:01 PM
भोपाल, अब बीमा कंपनियां केवल यह कहकर क्लेम खारिज नहीं कर सकेंगी कि बीमित व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी छिपाई है। उपभोक्ता आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में आरोप लगाने वाली बीमा कंपनी को ठोस सबूत भी पेश करने होंगे, अन्यथा क्लेम रोकना ‘सेवा में कमी’ माना जाएगा। उपभोक्ता कानून के तहत केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। कंपनी को दस्तावेजी साक्ष्य के साथ यह साबित करना होता है कि बीमारी पहले से मौजूद थी और उसे जानबूझकर छिपाया गया।

बीमा दावा खारिज करने के मामलों में कंपनियों की मनमानी पर भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। भोपाल उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (बेंच-2) ने चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को फटकार लगाते हुए उपभोक्ता को 1.63 लाख रुपए का क्लेम 7% ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए मुआवजा और वाद व्यय भी देने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि आयोग ने यह फैसला हाल ही में सुनाया है।=

देवास निवासी नसरुद्दीन खान ने वर्ष 2020 में चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से ‘आरोग्य संजीवनी’ पॉलिसी ली थी, जिसकी अवधि 29 जुलाई 2020 से 28 जुलाई 2021 तक थी। इस पॉलिसी के लिए उन्होंने 4554 रुपए का प्रीमियम जमा किया था। बीमा अवधि के दौरान 12 जून 2021 को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भोपाल के फ्यूचर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां 7 दिन इलाज चला और कुल 1,63,156 रुपए का खर्च आया।

परिवादी ने अस्पताल में भर्ती होने की सूचना तत्काल बीमा कंपनी को दी और सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ क्लेम भी प्रस्तुत किया। इसके बावजूद कंपनी ने लंबे समय तक क्लेम पर कोई निर्णय नहीं लिया। कई बार फोन और व्यक्तिगत संपर्क करने के बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया।

बीमा कंपनी ने 27 जुलाई 2022 को पत्र जारी कर दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि प्रस्तुत दस्तावेज गलत और मनगढ़ंत हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि बीमित ने पॉलिसी लेते समय अपनी पुरानी बीमारी छिपाई थी, जो नियमों का उल्लंघन है।

क्लेम खारिज होने के बाद परिवादी ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने 1.63 लाख रुपए की क्लेम राशि के साथ 18% ब्याज, 2 लाख रुपए क्षतिपूर्ति और 20 हजार रुपए वाद व्यय की मांग की। उनका कहना था कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई और कंपनी ने गलत तरीके से दावा निरस्त किया।

कंपनी ने समय-सीमा का उठाया मुद्दा

बीमा कंपनी ने अपने जवाब में कहा कि परिवाद देरी से दायर किया गया है और इसलिए यह स्वीकार्य नहीं है। साथ ही उन्होंने पुनः यही तर्क दिया कि पॉलिसी लेते समय बीमारियों की जानकारी छिपाई गई थी। आयोग ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, बिल, जांच रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी का परीक्षण किया। इससे स्पष्ट हुआ कि परिवादी वास्तव में बीमार था और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराया गया था। इलाज में खर्च की गई राशि भी दस्तावेजों से प्रमाणित हुई।

आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने धोखाधड़ी के आरोप तो लगाए, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। न ही कोई ऐसा दस्तावेज दिया गया जिससे यह साबित हो सके कि परिवादी को पहले से बीमारी थी।

आयोग ने माना सेवा में कमी

आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी का यह कृत्य ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में आता है। बीमा अनुबंध ‘अत्यंत सद्भावना’ (Utmost Good Faith) पर आधारित होता है, लेकिन जब कंपनी दावा खारिज करती है तो आरोप सिद्ध करना उसी की जिम्मेदारी होती है, जो यहां पूरी नहीं हुई। वहींआयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल देरी के आधार पर उपभोक्ता के अधिकार खत्म नहीं होते। यदि उपभोक्ता लगातार अपने अधिकार के लिए प्रयास कर रहा है, तो देरी को उचित कारण मानकर माफ किया जा सकता है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 June 2026
भोपाल, अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख देवस्थानों की प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने…
 22 June 2026
भोपाल, स्वामित्व योजना में 48 लाख से अधिक लोगों को मुफ्त में रजिस्ट्री कराने राज्य सरकार ने पंचायत उपकर और पंजीयन शुल्क माफ करने का अध्यादेश जारी कर दिया है। इसके…
 22 June 2026
भोपाल, अब बीमा कंपनियां केवल यह कहकर क्लेम खारिज नहीं कर सकेंगी कि बीमित व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी छिपाई है। उपभोक्ता आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों…
 22 June 2026
भोपाल, वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब मध्यप्रदेश के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर…
 22 June 2026
भोपाल, एमपी में मानसून जितनी सुस्ती से आ रहा है, सुरक्षा इंतजामों में भी उतनी ही सुस्ती देखने को मिल रही है। सड़कों पर गड्ढों और जलभराव के साथ बिजली के…
 22 June 2026
इंदौर। पेपर लीक की घटना के बाद देशभर में रविवार को NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के दौरान जहां हजारों विद्यार्थी अपने भविष्य की परीक्षा…
 22 June 2026
भोपाल: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। अब संतान पालन अवकाश (CLC) की अवधि को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति…
 22 June 2026
भोपाल। देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार भोपाल का मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह प्रतिबंधित संगठन सिमी और पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्यों से भी जुड़ा हुआ…
 22 June 2026
भोपाल। कहते हैं बेरोजगारी सिर्फ जेब को खाली नहीं करती, बल्कि इंसान की जीने की इच्छा और उसके हौसले को भी धीरे-धीरे दीमक की तरह चाट जाती है। ऐसा ही…
Advt.