Select Date:

‘भगवान के सामने अरबपति और आम भक्त बराबर...’, VIP दर्शन पर भड़के हर्ष गोयनका, यूजर ने कहा- घिन आती है

Updated on 26-09-2026 12:54 PM
नई दिल्ली: मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने मंदिरों में बढ़ती वीआईपी संस्कृति और धार्मिक स्थलों को प्रचार का जरिया बनाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों के बीच हैसियत के आधार पर फर्क नहीं होना चाहिए। उन्होंने मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल किया।

VIP कल्चर पर उठाया सवाल

हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मंदिरों में फोटोग्राफरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ पहुंचने वाले लोगों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर दर्शन को प्रचार और सोशल मीडिया कंटेंट से जोड़ने की प्रवृत्ति को अनुचित बताया।
उन्होंने खास तौर पर सवाल किया कि लालबागचा राजा में वीआईपी दर्शन की जरूरत क्यों है। गोयनका ने कहा कि उनकी हमेशा से यह मान्यता रही है कि भगवान के सामने अरबपति, सेलिब्रिटी और आम भक्त सभी बराबर होते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर सभी भक्त भगवान के सामने समान हैं तो सभी को एक ही कतार में क्यों नहीं खड़ा होना चाहिए?

आम भक्तों की लंबी कतारों के बीच चर्चा

गोयनका की यह टिप्पणी गणेशोत्सव के दौरान लालबागचा राजा के दर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच आई है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और लंबी कतारों में इंतजार करते हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में भारी भीड़ और दर्शन क्षेत्र में श्रद्धालुओं को जल्दी आगे बढ़ाए जाने के दृश्य भी दिखाई दिए हैं। इन्हीं के बीच प्रमुख लोगों को अलग तरीके से दर्शन मिलने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

लालबागचा राजा मंडल का नियम

लालबागचा राजा मंडल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मंडल वीआईपी पास जारी नहीं करता और दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं लेता। यहां श्रद्धालुओं के लिए मुख दर्शन और चरण स्पर्श दर्शन की व्यवस्था है और दोनों ही निशुल्क हैं।

इसलिए वीआईपी संस्कृति को लेकर होने वाली बहस में आधिकारिक व्यवस्था और प्रमुख लोगों को मिलने वाली सुविधा के बीच अंतर करना जरूरी है। मंडल की वेबसाइट के अनुसार औपचारिक रूप से वीआईपी दर्शन पास की व्यवस्था नहीं है।

यूजर्स ने भी उठाए सवाल

Dinesh Joshi नामक यूजर ने लिखा, 'मैंने यहां कभी दर्शन नहीं किए, शायद यह मेरा दुर्भाग्य है। उन लोगों के लिए दुख होता है जो घंटों खड़े रहते हैं और भगवान के सामने खड़े होने का एक पल भी नहीं पाते, सेल्फी लेने का तो सपना ही छोड़ दीजिए। बहुत दुख की बात है।'

Arvind Pradhan नाम यूजर ने लिखा है कि यह बिलकुल सच है। भगवान के सामने सब बराबर हैं, लेकिन इंसानों ने कुछ लोगों को दूसरों से ज्यादा अहमियत दे दी है। ऐसे लोगों को देखकर घिन आती है जो भगवान से प्रेम करने का दावा तो करते हैं, लेकिन दूसरों की तकलीफों को नजरअंदाज़ कर देते हैं। मैं ऐसे भीड़-भाड़ वाले सेलिब्रिटी पंडालों में कभी नहीं जाता।
ron नामक यूजर ने लिखा कि मंदिर/पंडाल में वीआईपी संस्कृति बहुत पहले से शुरू हो चुकी है और इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है। अगर सरकारी संस्थाएं संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी करते हुए वोटिंग के लिए वीआईपी और गैर-वीआईपी लोगों को चुनती हैं, तो पंडालों में ऐसा क्यों नहीं? आखिर ये सब तो लोगों द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार ही चलता है। लेकिन यकीन मानिए, भगवान अपने भक्तों का न्याय नहीं करते।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 26 September 2026
नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2015 से 2026 तक देश में कुल 843 अरब डॉलर का फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (FDI)…
 26 September 2026
नई दिल्ली: 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई मर्चेंट भुगतान पर 15 अक्टूबर से एमडीआर लागू किए जाने के विरोध में चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज (CTI) ने 2 अक्टूबर…
 26 September 2026
नई दिल्ली: बैंक खाते में बड़ी रकम नकद जमा करने के बाद अगर इनकम टैक्स विभाग नोटिस भेज दे तो परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। बेंगलुरु के बालकृष्णमूर्ति रामचंद्रबाबू के साथ…
 26 September 2026
नई दिल्‍ली: यह कहानी है वैभव गुप्ता और अमन गुप्ता की। दोनों आईआईटी खड़गपुर से पासआउट हैं। इन्‍होंने एक छोटे से आइडिया को सफल बिजनेस में तब्‍दील कर दिया है।…
 26 September 2026
नई दिल्ली: मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने मंदिरों में बढ़ती वीआईपी संस्कृति और धार्मिक स्थलों को प्रचार का जरिया बनाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों…
 26 September 2026
नई दिल्ली: निवेश में बाजार में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शेयर बाजार धड़ाम है। शेयर बाजार लगातार 7वें हफ्ते गिरा है। साल 2020…
 25 September 2026
2,000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लगने वाला 0.4% शुल्क यानी MDR ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, MDR का एक भी पैसा सरकारी…
 25 September 2026
नई दिल्ली: दिवाली आने वाली है। इस समय टीवी और स्मार्टफोन पर आपको पेंट कंपनियों के विज्ञापन खूब देखने को मिलेंगे। जब भी आप किसी पेंट कंपनी के विज्ञापन की…
 25 September 2026
नई दिल्ली: कहते हैं कि मुश्किल हालात इंसान को तोड़ भी सकते हैं और उसे कुछ बड़ा करने की वजह भी दे सकते हैं। ऐसी ही कहानी है टेक्नोलॉजी यूट्यूबर…
Advt.