कुल मिलाकर, एलएसजी और ऋषभ पंत के लिए यह एक मुश्किल समय है। टीम को अपनी परफॉर्मेंस में सुधार करना होगा। वहीं, गोयनका को टीम के मामलों में थोड़ा कम दखल देना चाहिए। यह देखना दिलचस्प होगा कि एलएसजी इस स्थिति से कैसे उबरती है। क्या पंत अपनी फॉर्म में वापस आ पाएंगे? क्या गोयनका टीम के मामलों में कम दखल देंगे? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में ही मिलेंगे, लेकिन एक बात तो तय है कि एलएसजी को अगर सफल होना है तो उसे इन मुद्दों को हल करना होगा।