बालेन शाह सरकार के सामने चुनौती
बालेन शाह सरकार की संविधान संशोधन कार्य-समूह ने 308 अनुच्छेदों में से 245 में बदलाव का सुझाव दिया है। हिंदू राष्ट्र का समर्थन करने वाले संगठनों ने इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अपनी मांग को संवैधानिक बहस में शामिल करने के मौके के तौर पर किया है। RPP अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लिंडेन के नेतृत्व में पार्टी ने प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाकात कीRPP ने कहा है कि व्यापक संविधान संशोधन में नेपाल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर बहस होनी चाहिए। यह बहस संसद और राजनीतिक दलों के बीच होनी चाहिए। हिंदू राष्ट्र समर्थक खेमा प्रस्तावित मॉडल में धार्मिक स्वतंत्रता पर भी जोर दे रहा है। बता दें कि 2015 में संविधान को अपनाने के बाद नेपाल एक धर्मनिरपेक्ष संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य बना था।