कनाडा में हिंदुओं के लिए बड़ा फैसला, अस्थि विसर्जन के लिए पहली बार मिली जगह, भारत आने की जरूरत नहीं
Updated on
20-09-2026 01:23 PM
ओट्टावा: कनाडा की सरकार ने देश में रहने वाले हिंदुओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक अस्थित विसर्जन के लिए आधिकारिक जगह बनाई गई है। इस नई सुविधा से हिंदू समुदाय के लोगों को अंतिम संस्कार की रस्मों के लिए भारत नहीं जाना पड़ेगा। अब वे अपने दिवंगत प्रियजनों की अस्थियां कनाडा में ही विसर्जित कर सकेंगे। सरे की मेयर ब्रेंडा लॉक ने बताया कि यह प्रोजेक्ट हिंदू समुदाय की मांग को देखते हुए शुरू किया गया है।
लॉक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "कई परिवारों के लिए किसी प्रियजन की राख को बहते पानी में प्रवाहित करना एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण प्रथा है।" उन्होंने आगे कहा, "यह प्रोजेक्ट एक सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान प्रदान करता है, जहां परिवार अपने प्रियजनों को याद करने और उनके लिए गहराई से सार्थक परंपराओं का सम्मान करने के लिए एक साथ आ सकते हैं।"
अस्थि विसर्जन के लिए ऑनलाइन बुकिंग
सरे प्रशासन ने 21 सितम्बर से इस जगह के लिए ऑनलाइन रिजर्वेशन सिस्टम शुरू किया है। जो परिवार इस सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें शहर की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी पसंद का स्लॉट बुक करना होगा। इसके लिए उन्हें शुल्क अदा करना होगा, जो हर बुकिंग के लिए 237 कनाडाई डॉलर (लगभग 14500 भारतीय रुपये) होगा। शुरू में इसे एक साल के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है, जिसे आगे बढ़ाने की योजना है।
नदी को प्रदूषण से बचाने पर भी ध्यान
इस सुविधा को प्राइवेसी, सुरक्षा और सीमित एक्सेस के साथ डिजाइन किया गया है और एक बार में सिर्फ एक परिवार ही जगह का इस्तेमाल कर सकेगा। परिवारों की मदद और नदी में पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए सिटी प्रशासन का एक कर्मचारी वहां मौजूद रहेगा। इस जगह पर केवल अस्थियां विसर्जित करने की अनुमति होगी। लोगों को घाट पर या नदी में कोई भी चीज- जैसे फूल, माला या दीपक- छोड़ने की मनाही है।
इसके पहले कनाडा के हिंदुओं और सिखों को अपने प्रियजनों की अस्थियों को भारत लाना पड़ता था, क्योंकि कनाडाई नदियों में अस्थि विसर्जन पर रोक थी। साल 2024 में शहर प्रशासन ने फ्रेजर नदी के किनारे ऐसी जगहों की तलाश शुरू की, जहां अस्थि विसर्जन की रस्म की जा सके। पर्यावरण संबंधी समीक्षा और लोगों की राय जानने के बाद 130 स्ट्रीट के उत्तरी छोर पर मौजूद सुंदर घाट को इसके लिए चुना गया।
ढाका: बंगाली समाज में कहावत है 'इलिश छाड़ा पूजा अधूरा' यानि हिलसा के बिना दुर्गा पूजा अधूरी है। लेकिन पिछले कुछ समय से दक्षिण एशियाई समुद्री व्यापार के गलियारों में…
ढाका: बांग्लादेश की संसद में विपक्ष के चीफ व्हिप और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को शेख हसीना वाले अंजाम की धमकी दी…
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका अब भारत समेत चीन, अजरबैजान, तुर्की जैसे देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा सकता है। सबसे ज्यादा खतरा भारत को…
तेल अवीव: भविष्य में लड़ी जाने वाली लड़ाइयों में जीत उसी की होगी जो टेक्नोलॉजी का अत्यधिक इस्तेमाल करे। शायद फायटर जेट या भारी भरकम हथियार जंग का रूख ना…
तेहरान: ईरान के सिक्योरिटी चीफ ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC)…
स्टॉकहोम: महाराष्ट्र के शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी नीला विखे पाटिल 13 सितंबर को हुए स्वीडन के राष्ट्रीय चुनाव में स्टॉकहोम शहर निर्वाचन क्षेत्र से स्वीडिश संसद के लिए…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने इस हफ्ते मोस्ट वांटेड आतंकवादी मसूद अजहर पर रखे गये 50 लाख के इनाम को बढ़ाकर 70 लाख कर दिया है। मसूद अजहर वही आतंकवादी है जिसके…
ओट्टावा: कनाडा की सरकार ने देश में रहने वाले हिंदुओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक अस्थित विसर्जन के लिए आधिकारिक जगह बनाई…
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…