Select Date:

बशीर बद्र ने गजल को आम आदमी की जुबान बनाया:कुमार विश्वास बोले- वे जहां खड़े होते थे, मुशायरा वहीं से बड़ा हो जाता था

Updated on 29-05-2026 01:17 PM
भोपाल, उर्दू शायरी को आम लोगों की जुबान तक पहुंचाने वाले मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर भोपाल स्थित घर पर निधन हो गया। 91 वर्षीय बशीर लंबे समय से बीमार थे और याददाश्त भी खो चुके थे। शाम को बड़ा बाग कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

पद्मश्री और साहित्य अकादमी सम्मान से नवाजे गए बशीर ने करीब 700 गजलें और नज्में जबकि 4 हजार से ज्यादा शेर लिखे थे।

1987 के मेरठ दंगों में बशीर साहब का घर जला दिया गया था। इसमें सालों की जमा-पूंजी, डिग्रियां, किताबें और यादें राख हो गई थीं। इसके बाद वे भोपाल में आकर बस गए थे। उन्होंने इसी सदमे में शायरी कही- लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में।

वे जहां खड़े होते थे, मुशायरा वहीं से बड़ा हो जाता था

बशीर बद्र के निधन पर देश-प्रदेश के शायर और कवियों ने दुख जताया है। कुमार विश्वास ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा- मैं बहुत कम लोगों के लिए यह कहता हूं कि उन्होंने भाषा को बदल दिया। बशीर बद्र साहब उन गिने-चुने लोगों में थे। उन्होंने सिर्फ गजल नहीं लिखी, उन्होंने गजल को ड्रॉइंगरूम से निकालकर आम आदमी की जुबान बना दिया।

उन्होंने कहा- बशीर साहब से मेरा रिश्ता तीन दशक से ज्यादा का था। पहले मैं उन्हें एक श्रोता की तरह सुनता था, फिर एक साथी कवि की तरह उनके साथ मंच साझा करने लगा। हम दोनों का रिश्ता मेरठ से था, इसलिए एक अपनापन हमेशा महसूस होता था। बाद में जब वे कुछ अप्रिय परिस्थितियों के कारण भोपाल आकर बस गए, तब भी मुलाकातों और मुशायरों का सिलसिला चलता रहा।

मैंने उन्हें हमेशा एक बड़े आदमी और बड़े शायर की तरह देखा। वे जहां खड़े हो जाते थे, मुशायरा वहीं से बड़ा हो जाता था। बशीर बद्र भारतीय गजल के गौतम बुद्ध थे। जैसे भगवान बुद्ध ने कठिन आध्यात्म को पाली और प्राकृत जैसी लोकभाषाओं में उतारकर आम आदमी तक पहुंचाया, वैसे ही बशीर साहब ने बड़ी से बड़ी बात को इतनी सादगी से कहा कि वह सीधे लोगों के दिल में उतर गई।

उनकी शायरी में कोई दिखावा नहीं था। चमत्कार पैदा करने की कोशिश नहीं थी, पर हर शेर खुद एक चमत्कार बन जाता था। संसद-विधानसभाओं में चले जाइए, अखबारों में देख लीजिए, सड़कों के नारों में सुन लीजिए- बशीर बद्र मौजूद मिलेंगे।

उनका शेर भारत-पाक के रिश्तों की भाषा बना

कुमार विश्वास ने कहा, ‘बशीर बद्र का शेर- दिल मिले या न मिले, हाथ मिलाते रहिए…भारत-पाक के रिश्तों की भाषा बन गया। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष हाथ मिलाते थे, अगले दिन यही शेर अखबारों में छपा होता। यह शेर न जाने कितने मौकों पर कहा गया- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो... न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए।’

उन्होंने बताया- मुझे याद है कि मीना कुमारी जैसी बड़ी अदाकारा ने इसे अपनी डायरी में लिखा था। सोचिए, एक शेर किताबों से निकलकर जिंदगी का हिस्सा बन जाए, इससे बड़ी बात किसी शायर के लिए क्या होगी? बशीर साहब अच्छे शायर होने के साथ बहुत पढ़े-लिखे भी थे। उन्होंने पीएचडी की थी। उनमें एक प्रोफेसराना ठहराव था। बात करते थे तो लगता था जैसे कोई बहुत तहजीब वाला आदमी अपने इल्म को बहुत सलीके से आपके सामने रख रहा है।

अपनी शायरी में हमेशा जिंदा रहेंगे बशीर बद्र

कुमार विश्वास ने आगे बताया- मुझे भोपाल राजभवन का एक मुशायरा याद है। दो बड़े शायरों के बीच बहस बढ़ गई थी। माहौल खराब हो सकता था। लेकिन बशीर साहब ने जिस शालीनता से स्थिति संभाली, वह सिर्फ बड़े शायर का नहीं, बड़े इंसान का भी परिचय था।

उनके आखिरी साल आसान नहीं थे। बीमारी तकलीफदेह थी। पर मैं यहां खास तौर पर डॉ. राहत बद्र का जिक्र करना चाहूंगा। जिस समर्पण और प्रेम से उन्होंने बशीर साहब की सेवा की, वह प्रेम की पराकाष्ठा है। आज के समय में ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलते हैं।

मुझे लगता है कि किसी शायर की असली मौत तब होती है जब उसके शेर लोगों की जिंदगी से चले जाएं। बशीर बद्र साहब के साथ ऐसा कभी नहीं होगा। वे अपने अशआर (कई सारे शेर) में हमेशा जिंदा रहेंगे। जब तक लोग मोहब्बत करेंगे, रिश्तों को बचाने की कोशिश करेंगे, टूटने के बाद भी मुस्कुराना सीखेंगे... तब तक बशीर बद्र जिंदा रहेंगे।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 12 June 2026
 भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद कांग्रेस पूरी तरह आक्रामक हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल…
 12 June 2026
भोपाल। श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार रात एक तेज रफ्तार कार ने एक पैदल व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसे में अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई।…
 12 June 2026
भोपाल। ट्रेन यात्रा के दौरान ऑनलाइन भोजन मंगाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने रेलवे नेटवर्क में बिना अनुमति संचालित हो…
 12 June 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा नियमों में दी गई राहत के बाद, चिकित्सा शिक्षा…
 12 June 2026
भोपाल। राजधानी के कोहेफ़िज़ा क्षेत्र स्थित लालघाटी हलालपुर में शुक्रवार तड़के तीन बजे के करीब हड़कंप मच गया, जब यहां संचालित पटाखा दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई। आग…
 12 June 2026
भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स ) भोपाल में इलाज कराने आने वाले गंभीर मरीजों के परिजनों और तीमारदारों (अटेंडेंट्स) के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है।अस्पताल परिसर…
 12 June 2026
 भोपाल स्थित मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने सीधे इंटरव्यू के माध्यम से होने वाली भर्तियों के लिए नया नियम लागू किया है। आयोग ने दस्तावेज जमा करने में देरी…
 12 June 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में वाहनों की संख्या पिछले 15 वर्षों में दोगुनी से अधिक होकर 2.42 करोड़ के पार पहुंच गई है। लेकिन इन वाहनों के पंजीयन, फिटनेस, परमिट, प्रवर्तन…
 12 June 2026
भोपाल। राज्य सरकार ने वर्ष 1968 के मध्य प्रदेश जेल अधिनियम में कुछ बदलाव किए हैं। इसमें अप्रासंगिक हो चुके कुछ नियम हटाकर उनकी जगह नए जोड़े गए हैं। पहली…
Advt.