लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नवंबर का महीना आते ही दुनियाभर में कई पुरुष अपनी मूंछें बढ़ाना शुरू कर देते हैं। हाल ही में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी ने भी सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर की, जिसमें उन्होंने मूंछे बढ़ाई हुई हैं और वो Movember का जिक्र कर रहे हैं।
दरअसल, नवंबर के महीने में मूंछे बढ़ाने का ये ट्रेंड फैशन से नहीं जुड़ा है। ये ट्रेंड पुरुषों की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए है। इसे मोवेम्बर या नो-शेव नवंबर कहा जाता है। आइए जानें इस बारे में।
क्या है मोवेम्बर?
मोवेम्बर शब्द मूंछ और नवंबर को मिलाकर बनाया गया है। इसकी शुरुआत साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से हुई थी। दरअसल, दो दोस्तों ने इस ट्रेंड को शुरू किया था, जिसे पुरुषों से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में जागरूकता फैलाने का एक जरिया बनाया गया।
क्यों मनाया जाता है Movember?
मोवेम्बर महीने में पुरुषों के स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बातचीत और जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जाती है। पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर दुनियाभर में तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है। शुरुआती स्टेज में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, जिस वजह से अक्सर इसका पता देर से चलता है। मोवेम्बर के जरिए पुरुषों को नियमित जांच और समय पर इलाज के लिए जागरूक किया जाता है।
पुरुषों से जुड़ा एक और गंभीर कैंसर है टेस्टिकुलर कैंसर। इस बारे में अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती। मोवेम्बर महीने में इस बारे में जागरूकता फैलाई जाती है। इसके साथ ही, डिप्रेशन और आत्महत्या जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी जागरूकता बढ़ाई जाती है।
पुरुषों की मेंटल हेल्थ को लेकर अक्सर काफी कम बात की जाती है। मोवेम्बर के महीने के जरिए इस बारे में जागरूकता फैलाने की कोशिश की जाती है, ताकि पुरुष भी अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर कर पाएं और मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं के लिए मदद मांग सकें।
कैसे मनाया जाता है मोवेम्बर?
हर साल 1 नवंबर को पुरुष पूरी तरह शेव करके इस महीने की शुरुआत करते हैं। इसके बाद पूरे नवंबर उन्हें अपनी मूंछे बढ़ानी होती है, लेकिन दाढ़ी नहीं। जब लोग उनकी बढ़ी हुई मूछों को देखते हैं या उसके बारे में पूछते हैं, तब मोवेम्बर और पुरुषों के कैंसर के बारे में चर्चा शुरू होती है।