Select Date:

नाम में क्या रखा है' यह कहावत खूब सुने होंगे, लेकिन ये कंपनियां इसी वजह से FSSAI के चंगुल में फंसी

Updated on 15-06-2026 12:58 PM
नई दिल्ली: आपने भी यह कहावत सुनी होगी कि नाम में क्या रखा है। लेकिन नाम की वजह से कुछ नामी-गिरामी कंपनियां खाद्य सुरक्षा क्षेत्र के नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के चंगुल में फंस गईं हैं। इनमें इमामी हेल्दी एंड टेस्टी समेत आठ फूड कंपनियां हैं।

जारी हो गया नोटिस

एफएसएसएआई के एक सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबकि इन कंपनियों को रेगुलेटर की तरफ से नोटिस जारी हो गया है। यह नोटिस खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन के आरोप में जारी हुआ है। रेगुलेटर का कहना है कि इन कंपनियों ने भ्रामक ब्रांड नाम, ट्रेड नाम रखा है। साथ ही उत्पाद का दावा भी भ्रामक है। नोटिस पाने वाली कंपनियों में इमामी हेल्दी एंड टेस्टी, हेल्थ एड, ट्रूवी, द हेल्दी फैक्टरी, हेल्दी मास्टर, हेल्दी चॉइस, प्लान बी और न्यूहर्ब्स शामिल हैं।

गुमराह करने वाले प्रोडक्ट्स?

एफएसएसएआई के अनुसार, इमामी हेल्दी एंड टेस्टी का ‘ट्रेड’ नाम उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है। इसलिए यह लागू नियमों का उल्लंघन प्रतीत होता है। यह कोलकाता के इमामी समूह का एडिबल ऑयल यूनिट है। वहीं, प्लान बी अपने प्रोडक्ट्स को ‘प्लांट बेस्ड वीगन’ के रूप में प्रचारित करती है। एफएसएसएआई का कहना है कि कंपनी ने वीगन खाद्य उत्पादों के समर्थन संबंधी आवश्यक स्वीकृति लिए बिना अपने उत्पादों को वीगन के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे उपभोक्ताओं में गलत धारणा बन सकती है। द हेल्दी फैक्टरी के ‘जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड’ और ‘जीरो मैदा पिज्जा बेस’ उत्पादों को भी जांच के दायरे में लाया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि इन उत्पादों पर किए गए दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं और नियमों के अनुरूप नहीं दिखते। न्यूहर्ब्स की ‘ट्रू विटामिन’ उत्पाद श्रृंखला को भी नोटिस मिला है। एफएसएसएआई के अनुसार, ‘ट्रू विटामिन’ जैसा व्यापारिक नाम उसके नियमों में परिभाषित या मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए यह उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है। इसी प्रकार, ट्रूवी के ‘हेल्दी मिक्स वेजी चिप्स’, ‘हेल्दी रागी चिप्स’ और ‘हेल्दी मूंग दाल चिप्स’ जैसे स्नैक उत्पादों पर ‘हेल्दी’ होने के दावे को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसका कहना है कि इनमें कई अन्य सामग्री भी शामिल हैं, ऐसे में इन उत्पादों को ‘हेल्दी’ बताना भ्रामक हो सकता है।

इनके नाम पर भी आपत्ति

एफएसएसएआई ने हेल्दी मास्टर की ‘टैगलाइन’ ‘‘विजन टू सर्व हेल्दी’’, हेल्दी चॉइस के ‘‘हेल्दी फूड फॉर हेल्दी लाइफ पोहा’’ और हेल्थ एड के ब्रांड नाम पर भी आपत्ति जताई है। प्राधिकरण का मानना है कि ये नाम और दावे उत्पादों की प्रकृति को लेकर ग्राहकों को भ्रमित कर सकते हैं। वह नाम देख कर ही प्रोडक्ट को लपक सकते हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में जब कोई यात्रा के दौरान या बाहर पीने के पानी की बोतल मांगता है तो अक्‍सर मुंह से 'बिसलेरी' निकलता है। कभी सिर्फ अमीर विदेशी पर्यटकों…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। रेलवे ने अलग-अलग जोन और…
 20 September 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी सजग नजर आ रही है। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के पैसे की भागीदारी बढ़ाने के लिए…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारत अब सिर्फ बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। रेलवे मंत्रालय…
 20 September 2026
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति ठप होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन का महासंकट खड़ा हो…
 20 September 2026
नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय हुई एक गलती मुंबई के एक टैक्सपेयर को भारी पड़ गई। रिटर्न में गलती से 9.60 लाख रुपये की रकम EPF से…
 19 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है। यह रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों और संवाद की अटूट कड़ी है। साल 1903 में ब्रिटिश काल के दौरान भारत…
 19 September 2026
नई दिल्ली: टाटा संस में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग का समर्थन किया है। इस ग्रुप के पास टाटा…
 19 September 2026
मुंबई: अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार के गुजराज एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी या GEDA एक प्रोत्साहक पॉलिसी बनाई है। इसका नाम गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025…
Advt.