120 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का काम अटका, सामने आई ये बड़ी वजह, अब खुद कोच बनाएगा रेलवे
Updated on
18-07-2026 01:48 PM
नई दिल्ली: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बुरी खबर है। भारत और रूस की पार्टनरशिप वाली कंपनी किनेट रेलवे सॉल्यूशंस (Kinet Railway Solutions) जो 120 स्लीपर ट्रेनें बना रही है, उनके आने में अब काफी समय लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों का डिजाइन अभी तक फाइनल नहीं हो पाया है। यही वजह है कि अब भारतीय रेलवे इन आधुनिक स्लीपर कोचों को जल्दी तैयार करने के लिए अपनी खुद की फैक्ट्रियों की मदद लेने जा रहा है।
दरअसल, किनेट कंपनी को डिजाइन देने के लिए एक जर्मन सलाहकार को रखा गया था, लेकिन उसने अभी तक मंजूर किया हुआ फाइनल डिजाइन कंपनी को नहीं सौंपा है। कंपनी ने बताया है कि इन स्लीपर ट्रेनों का पहला मॉडल (प्रोटोटाइप) अब 2026 के अंत तक ही बनकर तैयार हो पाएगा, यानी यह काम अपनी तय समयसीमा से 2 साल से भी ज्यादा लेट हो चुका है।
कंपनी बोली- खुलकर बात नहीं कर सकते
इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार जब इस देरी को लेकर कंपनी से ईमेल पर सवाल पूछा गया, तो उनके प्रेस विभाग ने कहा कि वे अपने सप्लायर्स के साथ हुए समझौतों या पैसों से जुड़ी शर्तों पर खुलकर बात नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने यह जरूर बताया कि ट्रेन की इंजीनियरिंग और डिजाइनिंग के इस बड़े प्रोजेक्ट में 100 से ज्यादा सप्लायर्स मिलकर काम कर रहे हैं।
200 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के टेंडर
कंपनी का दावा है कि सभी सप्लायर्स तय प्लान के मुताबिक काम में जुटे हैं और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का डिजाइन किनेट ने खुद तैयार और जोड़कर बनाया है, जिससे उनका प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। साल 2023 में कुल 200 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए टेंडर निकाले गए थे, जिनमें से 80 ट्रेनें बनाने का जिम्मा टीटागढ़ रेल सॉल्यूशंस और भेल (BHEL) की मिली-जुली कंपनी को दिया गया था।
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