पश्चिमी देशों में भी थी पहचान
अली लाराजानी ने 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के दौरान IRGC कमांडर के तौर पर काम किया और बाद में सरकारी प्रसारक के प्रमुख बने। लारीजानी ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार भी रहे थे। पश्चिमी राजनयिकों ने उनके साथ बातचीत के बाद उनको एक सुलझा हुआ और बुद्धिमान व्यक्ति बताया था।लारीजानी 12 सालों तक ईरान की संसद के स्पीकर रहे। पिछले साल इजरायल के साथ 12 दिन के संघर्ष के बाद लारीजानी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख के तौर पर देश के सबसे अहम फैसला लेने वाले व्यक्ति के तौर पर उभरे। ऐसे में उनकी कमी ना सिर्फ ईरान को बल्कि युद्ध में मध्यस्थता की कोशिश करने वालों को भी खलेगी।