Select Date:

2 लाख रुपये में कौन बनेगा वैज्ञानिक?', शेखर गुप्ता ने DRDO भर्ती की सैलरी पर उठाए सवाल

Updated on 08-06-2026 03:06 PM
नई दिल्ली: देश में एक तरफ जहां नौकरियों की कमी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो वहीं जो पोस्ट निकल रही हैं, उनकी सैलरी भी सवालों के घेरे में आ गई है। भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ( DRDO ) के एक हालिया नौकरी के विज्ञापन ने देश भर में सैलरी और टैलेंट को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। जाने-माने पत्रकार शेखर गुप्ता ने एक्स पर एक पोस्ट में DRDO के इस विज्ञापन में वैज्ञानिकों के प्रस्तावित वेतन पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद यह मुद्दा अब सुर्खियां बटोर रहा है

क्या है विज्ञापन में?

  • डीआरडीओ ने साइंटिस्ट-ई, साइंटिस्ट-डी और साइंटिस्ट-सी पोस्ट के लिए विज्ञापन निकाला है। इस विज्ञापन को डीआरडीओ ने अपने एक्स अकाउंट पर भी पोस्ट किया है।
  • इसमें लिखा है कि साइंटिस्ट-ई पोस्ट के लिए 11 साल के अनुभवी वैज्ञानिक की जरूरत है। इस पद के लिए मंथली बेसिक सैलरी 1,23,100 रुपये तय की गई है।
  • साइंटिस्ट-डी पोस्ट के लिए 78,000 रुपये और साइंटिस्ट-सी पोस्ट के लिए 67,700 रुपये बेसिक सैलरी है।

शेखर गुप्ता ने क्या उठाया सवाल?

शेखर गुप्ता ने DRDO के विज्ञापन वाली पोस्ट को शेयर करते हुए सरकारी क्षेत्र में सैलरी स्ट्रक्चर पर चिंता व्यक्त की है। गुप्ता ने अपनी पोस्ट में लिखा है, 'जरा इन सैलरी को देखें। एक वैज्ञानिक को 11 साल के अनुभव के बाद 1,23,000 रुपये की बेसिक सैलरी मिलेगी। अगर हम DA और अन्य भत्तों को भी जोड़ दें, तो यह कुल मिलाकर 2 लाख रुपये या उससे थोड़ा ज्यादा हो सकता है। यह सच है कि सरकारी नौकरियों के सैलरी के साथ चुनौतियां हैं, लेकिन इस सैलरी से प्रतिभाशाली लोग आकर्षित नहीं होंगे।'

प्राइवेट सेक्टर में कितनी सैलरी?

  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस में 11 साल के वैज्ञानिक की सैलरी करीब 30 साल ये 40 लाख रुपये के बीच में है।
  • वहीं हथियार बनाने वाली दुनिया की टॉप कंपनियों में शामिल अमेरिका की Lockheed Martin में सालाना बेसिक सैलरी 150,000 डॉलर (करीब 1.43 करोड़ रुपये) है।

लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

शेखर गुप्ता की इस पोस्ट पर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं रही हैं। कुछ लोगों ने गुप्ता के विचारों का समर्थन किया और कहा कि सरकारी क्षेत्र में वेतन को आधुनिक समय के अनुसार प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता है। कुछ ने तर्क दिया कि देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भर बनने के मिशन में योगदान करने का जुनून और सेवा भाव सैलरी से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

imgroot नाम के एक यूजर ने लिखा है, 'सर, सुरक्षित नौकरी की गारंटी ही काफी है। फिर प्रतिष्ठा आती है। फिर सुविधाएं मिलती हैं। फिर उपलब्धि हासिल करने का अवसर मिलता है। फिर सेवा करने का मौका मिलता है।' वहीं akverma नामक यूजर ने लिखा है, 'यह तब भी कोई नहीं आएगा सर। यहां सिविल सेवाओं की तरह भ्रष्टाचार नहीं कर पाएगा तथा रुतबा भी तो नहीं है। कितने साइंटिस्ट का नाम हम जानते हैं, ज्ञान की साधना करने वालों की मनोरंजन करने वालों की तुलना में तो कोई इज्जत ही नहीं है।'

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में जब कोई यात्रा के दौरान या बाहर पीने के पानी की बोतल मांगता है तो अक्‍सर मुंह से 'बिसलेरी' निकलता है। कभी सिर्फ अमीर विदेशी पर्यटकों…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। रेलवे ने अलग-अलग जोन और…
 20 September 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी सजग नजर आ रही है। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के पैसे की भागीदारी बढ़ाने के लिए…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारत अब सिर्फ बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। रेलवे मंत्रालय…
 20 September 2026
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति ठप होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन का महासंकट खड़ा हो…
 20 September 2026
नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय हुई एक गलती मुंबई के एक टैक्सपेयर को भारी पड़ गई। रिटर्न में गलती से 9.60 लाख रुपये की रकम EPF से…
 19 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है। यह रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों और संवाद की अटूट कड़ी है। साल 1903 में ब्रिटिश काल के दौरान भारत…
 19 September 2026
नई दिल्ली: टाटा संस में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग का समर्थन किया है। इस ग्रुप के पास टाटा…
 19 September 2026
मुंबई: अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार के गुजराज एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी या GEDA एक प्रोत्साहक पॉलिसी बनाई है। इसका नाम गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025…
Advt.