पहली बार 'प्रॉफिट' में आया मुकेश अंबानी का यह बिजनेस, 1,00,000 करोड़ तक पहुंचने का है टारगेट
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20-07-2026 01:43 PM
नई दिल्ली: देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए अच्छी खबर है। कंपनी का एफएमसीजी बिजनेस पहली बार एबिटा (EBITDA) के मामले में पॉजिटिव हो गया है। मुकेश अंबानी की कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव है क्योंकि वह तेजी से अपना कंज्यूमर ब्रांड बिजनेस बढ़ा रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि सप्लाई-चेन में निवेश पूरा होने और बिक्री बढ़ने के साथ मुनाफा और बढ़ेगा। एबिटा के जरिए कंपनी के इनकम से होने वाले लाभ को आसानी से नापा जा सकता है। इसमें उधार, टैक्स और कर्ज की लागत शामिल होती है। रिलायंस का एफएमसीजी बिजनेस रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) के तहत आता है। इस कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केतन मोदी ने एनालिस्ट्स को बताया कि कंपनी का फोकस फिलहाल अपना मार्केट शेयर बढ़ाने पर है। लेकिन बिजनेस ने EBITDA के स्तर पर ब्रेक-ईवन हासिल कर लिया है। इसका मतलब है कि कंपनी की लागत और कमाई बराबर हो गई है।
मार्केट शेयर बढ़ाने पर फोकस
मोदी ने शुक्रवार को रिलायंस के पहली तिमाही के नतीजे घोषित होने के बाद एनालिस्ट्स के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जैसे-जैसे हम बिजनेस का दायरा बढ़ाएंगे और पूरी सप्लाई चेन तैयार हो जाएगी, वैसे-वैसे EBITDA में सुधार होगा। अभी हमारा ज्यादा फोकस मार्केट शेयर बढ़ाने पर है।
RCPL के पास कैम्पा कोला जैसे ब्रांड हैं। कंपनी ने दिसंबर में डीमर्जर के बाद मार्च 2026 तक चार महीने में 125 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया। जून तिमाही में कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर 8,600 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि कंपनी ने इस अवधि के लिए EBITDA या नेट प्रॉफिट का खुलासा नहीं किया।
₹1,00,000 करोड़ तक पहुंचने का लक्ष्य
मोदी ने कहा, "हमारा लक्ष्य सभी कैटेगरी में लीडरशिप हासिल करना है। हमारा टारगेट फाइनेंशियल ईयर 2030 तक इस बिजनेस को 1,00,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। हम अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं और लीडरशिप हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।" कंपनी सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इसमें से 10,000 करोड़ रुपये पहले ही निवेश किए जा चुके हैं।
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