निगम का लक्ष्य अगले एक महीने में 100 ई-बसों का संचालन शुरू करना है। पीएम ई-बस सेवा के तहत भोपाल को मिली बसों का 20 जुलाई से बिना यात्रियों के ट्रायल रन किया जा रहा था। टिकिटिंग साफ्टवेयर की टेस्टिंग न होने की वजह से यह शुरू नहीं हो सकीं थीं। अब टिकिटिंग साफ्टवेयर की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है, जिसका जिम्मा चलो कंपनी को दिया गया है। अब 30 जुलाई से बसें शहर के विभिन्न स्टाप पर रूकना शुरू हो जाएंगी।
पहले चरण में 10 बसों के साथ ई-बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। बीसीएलएल के अधिकारियों के अनुसार, दो रूटों पर ही बसों का परीक्षण किया जाएगा। इसमें पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड आफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड आफिस से चेतक ब्रिज होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित होगा।