भारत से आगे निकले ताइवान-साउथ कोरिया, उदय कोटक ने दी वेक-अप कॉल
Updated on
03-06-2026 05:34 PM
नई दिल्ली: एआई शेयरों में आई तेजी की बदौलत पहले ताइवान और फिर साउथ कोरिया ने इक्विटी मार्केट के मामले में भारत को पछाड़ दिया है। भारत के पिछड़ने की सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि वह एआई टेक्नोलॉजी में निवेश के मामले में दुनिया के दूसरे देशों से काफी पीछे है। पिछले कुछ समय में एआई कंपनियों के शेयरों में काफी तेजी आई है। इसकी बदौलत ताइवान और साउथ कोरिया जैसे देश भारत से आगे निकल गए हैं। इस बीच देश के सबसे रईस बैंकर उदय कोटक ने भारतीय कंपनियों से एआई में निवेश करने की अपील की है।
कोटक ने इंडिया इंक से भारत के भविष्य के लिए निवेश करने का आग्रह किया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दुनिया की टॉप टेक कंपनियों में से एक गूगल कैश-रिच होने के बावजूद $80 बिलियन (करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये) जुटा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सिलिकॉन वैली की टेक कंपनी अपने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक कंप्यूटिंग क्षमता को तेजी से बढ़ाने के लिए फंड जुटा रही है। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट 4.342 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की तीसरी बड़ी वैल्यूएबल कंपनी है।
बिजनेस पर फोकस करने का समय
कोटक ने कहा कि गूगल का सालाना प्रॉफिट $160 अरब था और पिछली तिमाही में कंपनी ने $62 अरब का प्रॉफिट कमाया। उन्होंने कहा कि यह भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों के कुल प्रॉफिट और मार्केट कैप के लगभग बराबर है। यह सभी कंपनियों के लिए भविष्य में निवेश करने का एक वेक-अप कॉल है। उन्होंने कहा, 'अब आईपीएल खत्म हो चुका है, तो भारत के लिए बिजनेस के बिजनेस पर फोकस करने का समय आ गया है।' कारोबारी हलकों में अक्सर आईपीएल को अक्सर क्रिकेट का बिजनेस कहा जाता है।कोटक की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भारत को एआई टेक्नोलॉजी में निवेश के मामले में पीछे माना जा रहा है। यही मुख्य कारण है कि भारत अब पिछड़ने लगा है। कुछ साल पहले एमर्जिंग मार्केट्स में भारत निवेशकों की पहली पसंद हुआ करता था लेकिन अब यह सबसे कम निवेश वाले बाजारों में शामिल हो गया है। पिछले कुछ समय में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है।
भारत बनाम ताइवान
इस साल भारत का शेयर बाजार करीब 8 फीसदी गिर चुका है। इस साल के पहले पांच महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 24 अरब डॉलर यानी करीब 2.2 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। पिछले साल उन्होंने 18.9 अरब डॉलर की बिकवाली की थी। दूसरी तरफ ताइवान के शेयर बाजार में 58 फीसदी और साउथ कोरिया के शेयर बाजार में 88 फीसदी तेजी आई है।
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