सरकारी गोल्ड बॉन्ड SGB का कमाल, निवेशकों को मिला बंपर रिटर्न
Updated on
12-06-2026 12:48 PM
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019-20 सीरीज-I के लिए प्रीमेच्योर रिडेम्पशन (समय से पूर्व निकासी) की कीमतों की घोषणा कर दी है। इस योजना के तहत जिन निवेशकों ने 11 जून 2019 को निवेश किया था, वे अब 11 जून 2026 से अपने पैसे निकाल सकते हैं। इस सरकारी स्कीम ने अपने निवेशकों को उम्मीद से कहीं ज्यादा बंपर रिटर्न देकर मालामाल कर दिया है। मात्र 7 वर्षों में निवेशकों का पैसा करीब पांच गुना बढ़ चुका है
1 लाख रुपये बन गए 5 लाख
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार इस बॉन्ड ने निवेशकों को 378% का रिटर्न दिया है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए यह बॉन्ड 3,146 रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर जारी किया गया था। वहीं ऑफलाइन खरीदारों के लिए यह 3,196 रुपये था, क्योंकि ऑनलाइन पर 50 रुपये की छूट थी।
अब इसकी समय पूर्व निकासी की कीमत 15,038 रुपये प्रति यूनिट (ग्राम) तय की गई है। अगर किसी निवेशक ने 2019 में इस स्कीम में 1 लाख रुपये लगाए थे तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर 4.78 लाख रुपये यानी करीब 5 लाख रुपये हो गई है। इस मुनाफे में हर साल मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है। ब्याज की रकम को जोड़कर कुल मुनाफा और भी ज्यादा हो जाता है।
कैसे तय होती है रिडेम्पशन की कीमत?
आरबीआई के नियमों के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की रिडेम्पशन वैल्यू इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) की ओर से प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कार्य दिवसों के क्लोजिंग प्राइस के साधारण औसत के आधार पर तय की जाती है। इस सीरीज के लिए 8 जून, 9 जून और 10 जून 2026 के सोने के दामों का औसत निकाला गया है।
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