भारत से आगे निकल सकते हैं साउथ कोरिया और ताइवान, क्यों आ रही है मार्केट कैप में तेजी?
Updated on
07-05-2026 11:50 AM
नई दिल्ली: एआई के बढ़ते चलन ने दुनिया की इकॉनमी को पूरी तरह बदल दिया है। इस साल साउथ कोरिया और ताइवान जैसे एमर्जिंग मार्केट्स के मार्केट कैप में भारी तेजी आई है जबकि भारत और सऊदी अरब जैसे देशों का मार्केट कैप गिरा है। साउथ कोरिया का मार्केट कैप इस दौरान 175 फीसदी उछलकर 4.18 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है जबकि ताइवान का मार्केट कैप 85 फीसदी तेजी के साथ 4.61 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। दूसरी ओर भारत का मार्केट कैप 5 फीसदी गिरावट के साथ 4.92 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय बाजार में गिरावट आई है।
एमर्जिंग मार्केट्स में भारत तीसरा बड़ा मार्केट कैप है। उससे आगे केवल चीन और हॉन्ग कॉन्ग हैं। चीन का मार्केट कैप 14.94 ट्रिलियन डॉलर है। इस साल इसमें 49 फीसदी तेजी आई है। हॉन्ग कॉन्ग का मार्केट कैप 7.43 ट्रिलियन डॉलर है। इस साल उसका मार्केट कैप 33.2 फीसदी तेजी आई है। भारत दुनिया में पांचवें नंबर पर है। इस लिस्ट में अमेरिका 75.99 ट्रिलियन डॉलर के साथ पहले नंबर पर है। इस साल उसका मार्केट कैप 22.6 फीसदी चढ़ा है। जापान 8.26 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर है। इस साल उसका मार्केट कैप 29 फीसदी चढ़ा है।
भारत की पोजीशन को खतरा
लेकिन ताइवान और दक्षिण कोरिया अब भारत के काफी करीब पहुंच गए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह एआई शेयरों में आई तेजी है। ताइवान के मार्केट कैप में टीएसएमसी की 40% से अधिक हिस्सेदारी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी चिप मेकर कंपनी है। इसमें केवल टीएसएमसी की ग्लोबल मार्केट में हिस्सेदारी 70% है। इसका मार्केट कैप 2.175 ट्रिलियन डॉलर है और यह दुनिया की छठी बड़ी वैल्यूंबल कंपनी है। दुनिया की टॉप 10 सेमीकंडक्टर कंपनियों में से चार ताइवान की हैं।
दक्षिण कोरिया के मार्केट कैप में आई तेजी में सबसे बड़ा योगदान एआई चिप बनाने वाली कंपनी सैमसंग और SK Hynix का है। इन दोनों कंपनियों की कॉस्पी इंडेक्स में 40 फीसदी हिस्सेदारी है। सैमसंग का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुका है। इसका मार्केट कैप 1.194 ट्रिलियन डॉलर है और यह दुनिया की 11वीं और एशिया की तीसरी बड़ी वैल्यूएबल कंपनी है। एशिया में उसके आगे टीएसएमसी और सऊदी अरामको (1.741 ट्रिलियन डॉलर) है।
ताइवान और साउथ कोरिया
ताइवान को पहले फोरमोसा के नाम से जाना जाता था। यह ताइवान द्वीप तथा कुछ अन्य द्वीपों से मिलकर बना है। इसका एरिया करीब 36,000 किमी और आबादी 2.3 करोड़ है। इसकी प्रति व्यक्ति आय करीब 42,000 डॉलर है। साउथ कोरिया का एरिया 100,472 वर्ग किमी और आबादी करीब 5.16 करोड़ है। साउथ कोरिया की प्रति व्यक्ति आय करीब 36,000 डॉलर है जो भारत (2,700 डॉलर) की तुलना में करीब 13 गुना है।
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