पेपर लीक और चढ़ावे की चोरी रोकने के लिए अच्छे प्लम्बर व वेल्डर की जरूरत, शेखर सुमन ने CEA के बयान पर ली चुटकी
Updated on
29-06-2026 01:49 PM
नई दिल्ली: मशहूर अभिनेता शेख सुमन का कॉमेडी शो शेखर टुनाइट (Shekhar Tonite) इस समय चर्चाओं में बना हुआ है। इस शो में शेख सुमन के तीखे व्यंग्य लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं। अब उन्होंने भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन के उस बयान पर तीखे व्यंग्य किए जिसमें उन्होंने युवाओं से कारपेंटर, प्लम्बर आदि बनने के लिए कहा था। शेखर सुमन का यह अंदाज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
क्या कहा था CEA ने?
भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने कुछ दिनों पहले युवाओं के रोजगार और शिक्षा को लेकर बयान दिया था। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि देश में अब सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर साइंस और MBA डिग्री का वह सुनहरा दौर खत्म हो चुका है, जो वैश्वीकरण के समय था।
उन्होंने इंटरव्यू में कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अब युवाओं को कारपेंटर, प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन और वेल्डिंग जैसे ट्रेड स्किल्स में निपुण होना पड़ेगा। सीईए के मुताबिक ये ऐसी स्किल्स हैं जिनकी जगह टेक्नोलॉजी आसानी से नहीं ले सकती।
शेखर सुमन का तीखा व्यंग्य
मुख्य आर्थिक सलाहकार के इस बयान पर शेखर सुमन ने अपने शो शेखर टुनाइट में अनोखे अंदाज में तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति, पेपर लीक और राजनीतिक नेतृत्व पर निशाना साधते हुए नागेश्वरन के बयान पर सहमति जताने के बहाने एक बड़ा राजनीतिक कटाक्ष किया है।
उन्होंने शो में कहा, 'आपने बिल्कुल सही कहा सर। वैसे भी अर्थव्यवस्था की टूटी हुई नैया को रिपेयर करने के लिए अच्छे कारपेंटर, दान पेटियों से चढ़ावे की चोरियां रोकने के लिए अच्छे वेल्डर्स और एग्जाम पेपर्स के लीक को रोकने के लिए अच्छे प्लम्बर्स की जरूरत तो है।
अंदाज हुआ वायरल
दरअसल, देश की अर्थव्यवस्था, अयोध्या मंदिर में हुई चढ़ावे की चोरी और नीट एग्जाम पेपर लीक का मामला देशभर में गरमाया हुआ है। इन ज्वलंत मुद्दों पर शेखर सुमन का सीईए को अनोखे अंदाज में जवाब देना लोगों को काफी पसंद आया। इसके कारण शेखर सुमन का यह वीडियो और अंदाज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
समर्थन में भी दिखे यूजर
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो सीईए के बयान के समर्थन में आए हैं। सुमन कुमार अग्रवाल नाम के एक यूजर ने लिखा है, 'सीईए नागेश्वर ने ठीक कहा है। हर किसी को कॉर्पोरेट जॉब नहीं मिल सकती। अगर ऐसा है तो आईआईटी और पॉलिटेक्निक्स की क्या जरूरत है। बेरोजगारी केवल राजनैतिक और कॉर्पोरेट जॉब की इच्छा रखने वालों के लिए मुद्दा है। देश में योग्य मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन और कारपेंटर की भारी कमी है।
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