अब हर साल नहीं देना होगा PUC सर्टिफिकेट, बड़े बदलाव की तैयारी में सरकार, आम लोगों से मांगे सुझाव
Updated on
28-07-2026 02:38 PM
नई दिल्ली: वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने वाहन मालिकों पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए छह साल तक पुरानी प्राइवेट बीएस-6 गाडि़यों वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की वैधता को मौजूदा एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने का प्रस्ताव दिया है। इसके मुताबिक इन गाड़ियों का पहले रजिस्ट्रेशन की तारीख से 6 साल तक पीयूसी अब पूरे 3 साल तक मान्य रहेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस बारे में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस कदम का मकसद गाड़ी मालिकों पर बोझ कम करना है।
इसके मुताबिक छह से 10 साल तक पुराने बीएस-6 वाहनों को हर दो साल में अपने पीयूसीसी प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराना होगा और 10 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को हर छह महीने में ऐसा करना होगा। नोटिफिकेशन के अनुसार बीएस-4 उत्सर्जन मानकों का अनुपालन करने वाले सभी मोटर वाहनों को हर छह महीने में अपने पीयूसीसी का नवीनीकरण कराना होगा।
आम लोगों से सुझाव
इसके अलावा बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 उत्सर्जन मानकों का अनुपालन करने वाले सभी मोटर वाहनों को हर तीन महीने में अपने पीयूसीसी का नवीनीकरण कराना होगा। बीएस या भारत चरण देश में वाहन उत्सर्जन मानकों से संबंधित है। इसके जरिये कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और पार्टिकुलेट मैटर जैसे प्रदूषकों की सीमा तय की जाती है। इस बारे में आम लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव देने को कहा गया है। उसके बाद इसे अंतिम रूप से लागू किया जाएगा।
क्या है PUC?
बीएस-4 वर्ष 2017 से 2020 तक लागू था। बीएस-6 अप्रैल, 2020 से लागू है। प्रदूषण नियंत्रण में तेजी लाने के लिए भारत ने बीएस-पांच को छोड़ दिया और सीधे बीएस-छह पर आ गया। ये वाहन बहुत कम प्रदूषकों का उत्सर्जन करते हैं और इन्हें कम सल्फर वाले बीएस-छह ईंधन की आवश्यकता होती है। पीयूसी सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि आपकी गाड़ी से निकलने वाला धुआं सरकार द्वारा तय मानकों के दायरे में है या नहीं।
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