इस कार्यक्रम में आरागाही, पुरानडीह, कमलपुर, तांबेश्वरनगर, कृष्णनगर और देवीगंज सहित कुल 18 ग्रामों के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। जनपद अध्यक्ष मुद्रिका सिंह, उपाध्यक्ष सुनील तिवारी, जनपद सीईओ रणवीर साय और तहसीलदार मनोज पैंकरा समेत कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे।
शिविर में अलग-अलग विभागों ने हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। स्वास्थ्य विभाग ने 7 हितग्राहियों को 'नई पहल किट' और 5 लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए। कृषि विभाग ने 20 किसानों को आदान सामग्री, खाद्य विभाग ने 77 हितग्राहियों को राशन कार्ड और पशुधन विभाग ने 6 हितग्राहियों को मिनरल मिश्रण वितरित किया।
हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गई
इसके अलावा 4 हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं। कार्यक्रम के दौरान 8 महिलाओं की गोदभराई और 6 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न हुआ। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली।
विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण
सांसद चिंतामणि महाराज ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के त्वरित समाधान और आम जनता को समय पर राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
पहाड़ी कोरवा-पंडो परिवारों को योजनाओं में प्राथमिकता
सांसद ने विशेष पिछड़ी जनजातियों, खासकर पहाड़ी कोरवा और पंडो परिवारों को शासन की योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की बात भी कही।
शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को कृषि विविधीकरण, जैविक खेती, आयुष्मान कार्ड, जननी सुरक्षा योजना और वन्यजीव जनहानि मुआवजा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
उद्यानिकी महाविद्यालयों के लिए भूमि आवंटन पर बैठक
जिले के वाड्रफनगर में उद्यानिकी महाविद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उद्यानिकी शिक्षा और कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाड्रफनगर विश्राम गृह में हुई। बैठक में विजयनगर-रामानुजगंज में उद्यानिकी महाविद्यालय और अनुसंधान केंद्र (अनुमानित लागत 14 करोड़ रुपए) और पचावल-सनावल में पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट एंड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी महाविद्यालय (अनुमानित लागत 25 करोड़ रुपए) की स्थापना पर चर्चा हुई। इसमें इन संस्थानों के लिए भूमि आवंटन से संबंधित समस्याओं के समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
महाविद्यालय स्थापना को लेकर अधिकारियों की बैठक
इस बैठक में महाविद्यालय के अधिष्ठाता, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार और सहायक पशु शल्यज्ञ सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दोनों महाविद्यालयों के लिए उपयुक्त भूमि के चयन, उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास जैसे कई बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया।
भूमि चिन्हांकन जल्द पूरा करने के निर्देश
बैठक में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य महाविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है। अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थानों की स्थापना से क्षेत्र में उद्यानिकी शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। इससे किसानों को आधुनिक कृषि और प्रसंस्करण तकनीकों की जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। य