Select Date:

26 साल के लो पर उत्पादन, सबसे बड़ी कंपनी ने दे दिया अलर्ट, तेल बचाने की बात क्यों कर रहे पीएम नरेंद्र मोदी?

Updated on 12-05-2026 01:42 PM
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट को कोरोना महामारी के बाद सबसे बड़ा संकट बताते हुए लोगों से तेल बचाने की अपील की है। ईरान युद्ध के कारण दुनिया में तेल की सप्लाई टाइट हो गई है और इसकी कीमत में भारी तेजी आई है। कई देशों ने ऑयल एमरजेंसी घोषित कर दी है। यूरोपीय संघ ने भी वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि दुनिया में कच्चे तेल का स्टॉक खतरनाक रूप से कम लेवल की तरफ बढ़ रहा है। अप्रैल में ओपेक देशों का उत्पादन 26 साल में सबसे कम स्तर पर पहुंच गया। उधर पश्चिम एशिया में शांति बहाली की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं है। साफ है कि आने वाले दिनों में स्थिति विकराल हो सकती है।

रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक अप्रैल में तेल निर्यात करने वाले देशों के संगठन ओपेक का रोजाना तेल उत्पादन 830,000 बैरल गिरकर औसतन 20.04 मिलियन बैरल रहा जो साल 2000 के बाद सबसे कम है। कुवैत का एक्सपोर्ट को अप्रैल में जीरो हो गया क्योंकि वह पूरी तरह होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर है। इस स्ट्रेट से दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है। लेकिन ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से एक अरब बैरल से ज्यादा कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। इससे तेल की कीमत में भारी तेजी आई है।

प्रोडक्शन में गिरावट

सऊदी अरब और इराक के तेल उत्पादन में भी अप्रैल में भारी गिरावट आई। सऊदी अरब के ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के कारण उसका प्रोडक्शन गिरकर 7 मिलियन बैरल रह गया। हालांकि सऊदी अरब ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन के जरिए लाल सागर से कच्चे तेल का निर्यात कर रहा है। अप्रैल में केवल यूएई के उत्पादन में तेजी आई। इसकी वजह यह है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को बाइपास करके गल्फ ऑफ ओमान में स्थित फुजैरा पोर्ट से तेल एक्सपोर्ट कर रहा है। यूएई रोजाना 3.2 से 3.6 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन कर रहा है। यूएई अब ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर आ चुका है और अगले साल तक रोजाना 5 मिलियन बैरल तेल निकालने की तैयारी कर रहा है।वेनेजुएला और लीबिया ने अप्रैल में तेल उत्पादन बढ़ाया लेकिन इससे होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली सप्लाई की भरपाई नहीं की जा सकती है। वेनेजुएला का रोजाना निर्यात 1.23 मिलियन बैरल तक पहुंच गया जो 2018 के बाद सबसे अधिक है। अफ्रीकी देश लीबिया का उत्पादन भी 1.43 मिलियन बैरल पहुंच गया जो 10 साल का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल की कीमत हाल में 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी जो 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर है।

तेल का खेल

  • ईरान युद्ध के कारण दुनिया में तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है
  • होर्मुज स्ट्रेट से ग्लोबल ऑयल सप्लाई का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है
  • अप्रैल में ओपेक देशों का उत्पादन 26 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा
  • सऊदी अरामको ने चेतावनी, क्रूड स्टॉक लो लेवल की तरफ बढ़ रहा है

    कच्चे तेल की कीमत

    पश्चिम एशिया में फिलहाल शांति बहाली की उम्मीद नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि पश्चिम एशिया में शांति वाला लाइफ सपोर्ट पर है। इससे कच्चे तेल की कीमत में आज फिर तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 0.80 फीसदी की तेजी के साथ 105 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। कच्चा तेल महंगा होने से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमत में तेजी आई है। हालांकि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारत अपना 80 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में जब कोई यात्रा के दौरान या बाहर पीने के पानी की बोतल मांगता है तो अक्‍सर मुंह से 'बिसलेरी' निकलता है। कभी सिर्फ अमीर विदेशी पर्यटकों…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। रेलवे ने अलग-अलग जोन और…
 20 September 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी सजग नजर आ रही है। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के पैसे की भागीदारी बढ़ाने के लिए…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारत अब सिर्फ बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। रेलवे मंत्रालय…
 20 September 2026
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति ठप होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन का महासंकट खड़ा हो…
 20 September 2026
नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय हुई एक गलती मुंबई के एक टैक्सपेयर को भारी पड़ गई। रिटर्न में गलती से 9.60 लाख रुपये की रकम EPF से…
 19 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है। यह रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों और संवाद की अटूट कड़ी है। साल 1903 में ब्रिटिश काल के दौरान भारत…
 19 September 2026
नई दिल्ली: टाटा संस में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग का समर्थन किया है। इस ग्रुप के पास टाटा…
 19 September 2026
मुंबई: अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार के गुजराज एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी या GEDA एक प्रोत्साहक पॉलिसी बनाई है। इसका नाम गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025…
Advt.