पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कहर, अब तक 12 की मौत, लंदन में सड़कों पर उतरे कश्मीरी
Updated on
09-06-2026 01:33 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बड़े पैमाने पर हिंसा और बवाल हुआ है। पुलिस के प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने के बाद हिंसक झड़पे हुई हैं। कई शहरों में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के लोग और पुलिस आमने-सामने हैं। इन झड़पों में कम से कम 12 मौतें हुई हैं और 50 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। पीओके में पुलिस के आम लोगों पर बल प्रयोग के विरोध में ब्रिटेन में भी पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है। यह विवाद पाकिस्तान में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर है।
पीओके में यह हिंसा रविवार को शुरू हुई, जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कथित शीर्ष कोर्ट ने आरक्षित सीटों पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटें संवैधानिक रूप से सुरक्षित हैं और उन्हें बिना किसी संशोधन के खत्म नहीं किया जा सकता है।
पीओके में सड़कों पर उतरे लोग
पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे जम्मू-कश्मीर के शरणार्थियों के लिए विधानसभा की 12 सीटें आरक्षित करने के खिलाफ पीओके के शहरों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कई शहरों खासतौर से रावलकोट में हिंसा और मौतें हुई हैं। रावलकोट आधिकारिक तौर पर पुंछ जिले का हिस्सा है।
पाकिस्तान में हाल ही में बैन की गई जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ज्यादा अधिकारों की मांग कर रही है। इसमें शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों को खत्म करना शामिल है। कमेटी का तर्क है कि इन आरक्षणों की वजह से इस इलाके के बाहर रहने वाले लोगों का पीओके पर काफी ज्यादा प्रभाव बढ़ गया है।
लंदन पर सुनी गई गूंज
कमेटी ने पिछले तीन सालों में कई विरोध-प्रदर्शन किए हैं। प्रदर्शनों में हिंसा होती रही है लेकिन रविवार को जिस तरह का उग्र माहौल बना, वह पहले नहीं देखा गया है। स्थानीय मीडिया ने बताया है कि मरने वालों में आम लोगों के साथ-साथ पुलिस और सुरक्षाबलों के लोग भी शामिल हैं। इससे पूरे इलाके में तनाव है और मंगलवार को चीजें और ज्यादा बिगड़ने की आशंका है। इससे असीम मुनीर और शबाज शरीफ की टेंशन बढ़ गई है।पीओके के इन प्रदर्शनों का असर ब्रिटेन तक देखा गया है। लंदन में पाकिस्तानी हाई कमीशन और दूसरे शहरों में डिप्लोमैटिक मिशनों के बाहर कश्मीरी प्रवासियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी सत्ता ने पीओके में मानवाधिकार उल्लंघन की हद कर दी है। लंदन के अलावा ब्रैडफोर्ड, बर्मिंघम और मैनचेस्टर जैसे शहरों में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हुए हैं।
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