Select Date:

ईरान की होर्मुज स्‍ट्रेट पर जीत, US नहीं तेहरान वाले रास्ते से गुजर रहे सारे जहाज, खुलासा

Updated on 28-07-2026 02:28 PM
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाज तेहरान के तय किए गए रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैरिटाइम इंटेलिजेंस फर्म मैरिस्क् (Marisks) के डेटा से यह जानकारी सामने आई है। इससे यह भी पता चलता है कि इस दौरान एक भी जहाज ओमान के तट के पास वाले रास्ते से नहीं गुजरा है, जिसका सुझाव अमेरिका जहाजों को दे रहा है।

58 जहाज ईरानी कॉरिडोर से निकले

अमेरिकी ब्रॉडकास्टर CNN के अनुसार, मैरीटाइम फर्म ने बताया कि शनिवार से सोमवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य से 78 जहाजों गुजरते देखा गया। इनमें 20 जहाज ईरान के झंडे वाले थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी 58 गैर ईरानी जहाजों ने ईरान के बताए कॉरिडोर का इस्तेमाल किया। एक भी जहाज को अमेरिकी सेना की तरफ से बताए गए ओमान के तट वाले वैकल्पिक शिपिंग लेन से गुजरते नहीं देखा गया।

लेटेस्ट ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन डेटा से पता चलता है कि प्रतिबंधों के बावजूद गैर-ईरानी कमर्शियल जहाजों की आवाजाही ईरान के कंट्रोल वाले उत्तरी रास्ते से ही होती रही। एक अन्य मैरिटाइम कंपनी विंडवर्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सिर्फ 7 जहाज गुजरे और वे सभी ईरान के नियंत्रण वाले उत्तरी रास्ते से ही गए।

तेहरान ने होर्मुज पर जमाया कंट्रोल

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बार-बार धमकी दी है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को तेहरान की मंजूरी लेनी होगी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को ईरान डेली में छपे एक इंटरव्यू में कहा कि वॉशिंगटन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वैकल्पिक शिपिंग रास्ता खोलकर ईरान-अमेरिका समझौते का जानबूझकर उल्लंघन किया है।

ईरान पर अमेरिकी नाकेबंदी का असर नहीं

ईरान के सरकारी टीवी IRIB ने सोमवार को बताया कि ईरानी सेना ने उन जहाजों को रास्ता बदल दिया, जो जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से से गुजरने की कोशिश कर रहा थे। इस बीच अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद ईरानी बंदरगाहों पर तेल टैंकर लगातार पहुंच रहे हैं। विंडवर्ड मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि रविवार को खर्ग द्वीप के लोडिंग टर्मिनल पर 24 टैंकर इंतजार कर रहे थे। एक दिन पहले यह संख्या 21 थी।

अमेरिका ने ईरान पर रोके हमले

इस बीच अमेरिका ने दो हफ्ते तक बमबारी के बाद ईरान पर हमले रोकने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बार-बार बातचीत के लिए गुहार लगा रहा है और वह कूटनीति को एक और मौका देना चाहते हैं। हालांकि, ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के साथ बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका फिर से हमले शुरू कर देगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
इस्लामाबाद: आतंकवादी गतिविधियों में उम्र कैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक की पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने पति की रिहाई की गुहार लगाई है। मुशाल हुसैन…
 08 September 2026
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना जोधपुर एयरफील्ड में इस महीने 9 से 22 सितंबर तक कई देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने वाली है। इसमें शामिल होने के लिए जापान…
 08 September 2026
तेल अवीव: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से जानकारी थी। नेफ्ताली…
 08 September 2026
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में विवाद के पास मशहूर एफिल टावर को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। एफिल टावर को बंद करने का फैसला कर्मचारियों…
 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
Advt.