आज खुला कल बंद, होर्मुज स्ट्रेट में पसरते सन्नाटे का मतलब समझिए
Updated on
22-06-2026 01:33 PM
नई दिल्ली: एनर्जी मार्केट में होर्मुज स्ट्रेट दोबारा सुर्खियों में है। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। इसके बावजूद इस संकरे जलमार्ग से होने वाली आवाजाही तेजी से घट गई है। शिपिंग कंपनियां अभी भी सावधानी बरत रही हैं। इस अहम समुद्री रास्ते के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
रविवार को स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न झील के पास स्थित बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मध्यस्थता करने वाले देशों पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल थे। बाद में दोहा ने पुष्टि की कि चार-पक्षीय बातचीत चल रही थी।
होर्मुज को लेकर उठने लगे हैं सवाल
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर में तेल और गैस की बड़ी सप्लाई होती है।
एक बार फिर यह एनर्जी मार्केट के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है।
तेहरान से मिले मिले-जुले संकेतों के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह रास्ता खुला रहेगा या नहीं।
ईरान की मिलिट्री कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने इजरायल पर लेबनान में सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। दावा किया कि अमेरिका संघर्ष को खत्म करने के लिए किए गए शुरुआती समझौते की पहली शर्त को पूरा करने में नाकाम रहा है।
फिर देखने को मिली है भारी गिरावट
18 जून को वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए सीजफायर समझौते के बाद कुछ समय के लिए सुधार हुआ था। लेकिन, उसके बाद से इस समुद्री रास्ते से होने वाली कमर्शियल शिपिंग गतिविधियों में भारी गिरावट आई है।
मैरीटाइम एनालिटिक्स फर्म विंडवर्ड के अनुसार, गुरुवार को बाहर जाने वाले ट्रैफिक में बढ़ोतरी हुई। 19 जहाज स्ट्रेट से गुजरे। इनमें कई तेल टैंकर भी शामिल थे। इस बढ़ोतरी से उम्मीद जगी थी कि हफ्तों की रुकावट के बाद शिपिंग ऑपरेशन धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
हालांकि, तेहरान की हालिया घोषणा के बाद वीकेंड पर स्थिति बदल गई। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में विंडवर्ड ने कहा कि जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है।
कंपनी ने कहा, 'पहले से ही अनिश्चित रास्ते पर फिर से हिचकिचाहट देखी जा रही है।' बताया कि रातभर में AIS-रिकॉर्डेड जहाजों की कोई आवाजाही नहीं देखी गई।
फर्म ने कहा कि रविवार सुबह स्ट्रेट में केवल दो गैर-ईरानी कमर्शियल जहाज दिखाई दिए।
ईरानी मीडिया की रिपोर्टों से पता चलता है कि इस समुद्री रास्ते को फिर से खोलने का मामला अब व्यापक कूटनीतिक घटनाक्रम से जुड़ गया है।
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