एक अकाउंट, 4 नॉमिनी, क्लेम केस में उलझे बैंक, आखिर क्या है पेच
Updated on
28-05-2026 11:59 AM
नई दिल्ली: बैंक खातों में एक से ज्यादा नॉमिनी होने की वजह से बैंकों को क्लेम सेटल करने (पैसे के दावे को निपटाने) में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए बैंकों ने अब बैंकिंग रेगुलेटर RBI से साफ नियम बनाने की मांग की है। अभी के नियमों के हिसाब से एक बैंक खाते या लॉकर में ज्यादा से ज्यादा चार लोगों को नॉमिनी बनाया जा सकता है।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने ET को बताया कि दिक्कत तब शुरू होती है जब सभी नॉमिनी अपना दावा पेश करने के लिए एक साथ या एक ही समय पर बैंक नहीं पहुंचते। एक बैंक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमने अनौपचारिक तौर पर अपनी ये मुश्किलें RBI के सामने रखी हैं। जल्द ही इस बारे में आधिकारिक तौर पर भी अपनी बात रखेंगे।
इस मामले में RBI को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है। एक अन्य बैंक अधिकारी ने कहा कि RBI की तरफ से साफ गाइडलाइंस मिलने से पूरे देश में एक जैसे नियम लागू हो सकेंगे, क्योंकि ऐसे मामलों की संख्या बहुत ज्यादा है।
अहम बातें
मांग: बैंक चाहते हैं कि कई नॉमिनी वाले खातों के लिए RBI नई और साफ गाइडलाइंस जारी करे।
दिक्कत: नॉमिनी एक साथ बैंक नहीं आते, तो क्लेम का निपटारा करना मुश्किल हो जाता है।
कोर्ट का रुख: नॉमिनी सिर्फ पैसे का रखवाला, असली हक कानूनी वारिस का।
नियम: अभी एक खाते या लॉकर में अधिकतम चार लोगों को नॉमिनी बनाया जा सकता है।
क्या है कानूनी पेच?
अधिकारी ने बताया कि यूं तो नॉमिनी के हिस्से को लेकर स्पष्टता है कि किसे कितना पैसा मिलना है और क्लेम अकेले या मिलकर किया जा सकता है। लेकिन समस्या तब बढ़ जाती है जब मामला पहले से ही कोर्ट में चल रहा हो। उनका कहना है कि अगर RBI साफ गाइडलाइंस दे दे, तो ऐसी परेशानियों को सुलझाया जा सकता है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, इस मुद्दे पर अलग-अलग अदालतों के फैसलों ने कंफ्यूजन को और बढ़ा दिया है।
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