विभागीय अधिकारी के साथ हुए इस अपमानजनक व्यवहार से आहत होकर संचालनालय के अधिकारियों-कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप आधे दिन का अवकाश लेकर काम बंद रखा और कार्यालय से बाहर निकल गए। बीते एक सप्ताह में अधिकारी के व्यवहार से आहत होकर काम बंद करने की यह दूसरी घटना है।
विभाग में अमले की कमी है। इसके बाद भी हर फाइल मिनटों में मांगी जाती है और न मिलने पर छोटी-छोटी बातों पर कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकने और नोटिस जारी किए जाते हैं। जरा-सी गलतियों पर निलंबन किया जाता है। जबकि, विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न कार्यक्रमों में इसी अमले की प्रशंसा कर चुके हैं।
आयुक्त के व्यवहार को लेकर संचालनालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी आधे दिन के सामूहिक अवकाश का आवेदन देकर कार्यालय से बाहर निकल आए। इसकी सूचना विभागीय मंत्री और सचिव को भी दी गई। अधिकारियों ने तय किया है कि वह मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से मिलकर अपनी बात रखेंगे।