NSE लाया निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स...
- मकसद: उन कंपनियों को चुनना जो बिजनेस में अहिंसा के सिद्धांतों का पालन करती हैं।
- मिली जगह: सॉफ्टवेयर, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट जैसी कंपनियां शामिल हैं।
- नो एंट्री: रिलायंस ग्रुप की कंपनियां और सभी बैंक इस इंडेक्स से बाहर हैं।
किन शेयरों को मिली है जगह?
TOI के मुताबिक, इस सिस्टम के तहत कंपनियों को तीन रंगों ग्रीन, ऑरेंज और रेड बैंड में बांटा जाता है। जो कंपनियां 'ऑरेंज' और 'रेड' कैटिगरी में आती हैं, उन्हें इस इंडेक्स से बाहर रखा जाता है। NSE इंडाइसेज की वेबसाइट पर मौजूद डेटा के मुताबिक, अहिंसा इंडेक्स में किसी भी बैंक का शेयर या रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप का कोई भी शेयर शामिल नहीं है।हालांकि, देश की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियां, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और कई दूसरे सेक्टर की कंपनियों को इसमें जगह मिली है। Ahimsagain के मुताबिक, इस मुहिम का मकसद पूंजी को 'करुणा और दया' की तरफ मोड़ना है। नैतिकता को ध्यान में रखकर निवेश करने वालों के पास स्पष्ट विकल्पों की कमी है।