अब बरसेगा भारत पर पैसा और थमेगी रुपये की गिरावट! RBI ने रिटेल निवेशकों की दी बड़ी सौगात
Updated on
16-06-2026 12:13 PM
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने एक बड़ा कदम उठाया है। उसने बजट के एक प्रस्ताव को लागू करते हुए सभी विदेशी व्यक्तिगत निवेशकों को भारत में लिस्टेड कंपनियों के शेयर डायरेक्ट खरीदने की इजाजत दे दी है। यानी दुनियाभर के रिटेल निवेशक अब सीधे भारतीय बाजार में निवेश कर सकेंगे। इससे अप्रवासी भारतीयों (NRI) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (OCI) के अलावा अन्य विदेशियों के लिए भी भारत में निवेश का रास्ता खुल गया है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय इक्विटी बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने सोमवार शाम को कहा कि विदेशी व्यक्ति मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में बढ़ी हुई लिमिट के साथ निवेश कर सकते हैं। इसका मकसद रुपये को स्थिर करना, विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना और बाहरी फंडिंग की दिक्कतों को कम करना है।
अब तक की व्यवस्था
मौजूदा व्यवस्था के तहत रिटेल निवेशक अभी मुख्य रूप से विदेशी संस्थानों द्वारा मैनेज किए जाने वाले पूल्ड इन्वेस्टमेंट व्हीकल्स, अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (खासकर कैटेगरी III) या सीमित एनआरआई चैनलों के जरिए भारतीय बाजारों में निवेश करते हैं। लेकिन अब उन्हें सीधे भारतीय बाजार में लिस्टेड कंपनियों में निवेश की अनुमति होगी। सरकार ने पिछले हफ्ते देश के बाहर रहने वाले लोगों के लिए लिस्टेड भारतीय शेयरों में निवेश के नियमों में ढील देने की घोषणा की थी।फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत बदले गए नियमों से भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों को पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए निवेश करने की इजाजत मिलती है। यह सुविधा पहले सिर्फ NRI और OCI के लिए उपलब्ध थी। सेंट्रल बैंक ने कहा कि सभी कमर्शियल बैंकों को भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों के लिए रिपेट्रिएबल रुपी अकाउंट्स खोलने की इजाजत होगी। इससे NRI या विदेशी नागरिकों को भारतीय करेंसी में अपनी कमाई रखने और उसे अपने देश वापस भेजने की सुविधा मिलती है।
क्या है दिक्कत?
आरबीआई के सर्कुलर में कहा गया है कि ऐसे ट्रांजैक्शन की रिपोर्टिंग और नियमों के तहत तय निवेश लिमिट की निगरानी उसी तरह होगी जैसे NRI/OCI के निवेश के लिए की जाती है। हालांकि इसे लागू करने में सबसे बड़ी बाधा मुश्किल केवाईसी जांच और क्लाइंट ऑनबोर्डिंग हो सकती है।
लॉ फर्म PR Bhuta & Co. के पार्टनर हर्षल भूटा ने कहा, "अगर विदेशी नागरिक भारतीय रुपया बैंक खाते के जरिए निवेश करना चाहते हैं, तो ऐसा खाता खोलना आसान नहीं है। इसके लिए पहचान और पते के सबूत आदि की अटेस्टेड कॉपी की जरूरत होती है। आम तौर पर, NRI लिस्टेड कंपनियों में NRE पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम अकाउंट के जरिए निवेश करते हैं। अब देखना होगा कि विदेशी नागरिकों के लिए इसे कैसे लागू किया जाएगा।"
क्या होगा फायदा?
पिछले हफ्ते, आरबीआई ने बैंकों के लिए NRI से विदेशी मुद्रा नॉन-रेसिडेंट (FCNR) जमा राशि जुटाने के लिए एक खास विंडो खोली। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इन दो उपायों से देश में $50-70 बिलियन की विदेशी पूंजी आ सकती है। इसके अलावा RBI ने उन नियमों में बदलाव किया जिनके तहत विदेशी निवेशक नॉन-डेट निवेश से होने वाली कमाई के लिए भुगतान कर सकते हैं और उसे वापस ले जा सकते हैं। इससे विदेशी मुद्रा ढांचे के तहत प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया और रिपोर्टिंग की जरूरतों को स्पष्ट किया गया।
नई दिल्ली: आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में थोड़ी देर में जानकारी देंगे। उससे पहले आज शेयर बाजार…
मुंबई: बेंगलुरु की हॉस्पिटल चेन चलाने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज Manipal Health Enterprises के शेयर आज इश्यू प्राइस से 11% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। यह जहां बीएसई पर…
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…