टाटा संस की कमाई और प्रॉफिट में जबरदस्त इजाफा, टाटा ट्रस्ट्स को दोगुना से ज्यादा डिविडेंड
Updated on
27-06-2026 03:03 PM
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में अपने मौजूदा और नए बिजनेसेज में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। सूत्रों के मुताबिक जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता वाले मुश्किल ग्लोबल बिजनेस माहौल के बावजूद स्टैंडअलोन आधार पर टाटा संस ने ऑपरेशन्स से लगभग ₹42,000 करोड़ की कमाई की जबकि इस दौरान उसका नेट प्रॉफिट करीब ₹32,000 करोड़ रहने का अनुमान है।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने अपने मुख्य शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स को दिए जाने वाले डिविडेंड पेमेंट को भी दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर ₹3,000 करोड़ से ज्यादा कर दिया है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की लगभग 66% हिस्सेदारी है। टाटा संस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। साबुन से लेकर स्टील तक का कारोबार करने वाले इस ग्रुप की इन्वेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी टाटा संस की 323 सब्सिडियरी, 39 एसोसिएट और 32 जॉइंट वेंचर कंपनियां हैं।
नए बिजनेसेज का प्रदर्शन
फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 12% गिरकर ₹38,834.58 करोड़ रह गया था। इसी तरह टैक्स के बाद प्रॉफिट भी 24% गिरकर ₹26,231.74 करोड़ रह गया था। हालांकि इसके बावजूद कंपनी का डिविडेंड दोगुना होकर ₹1,414.5 करोड़ हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि ग्रुप को कई मुख्य ऑपरेटिंग कंपनियों से काफी योगदान मिला। इनमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा मोटर्स, टाटा कैपिटल, टाटा कंज्यूमर, टाइटन, टाटा स्टील और आईएचसीएल शामिल हैं।नए बिजनेसेज में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार काफी बढ़ा है। इसी तरह टाटा डिजिटल भी धीरे-धीरे मुनाफे की ओर बढ़ रही है। क्रोमा का EBITDA भी पॉजिटिव हो गया है। साथ ही एयर इंडिया का नुकसान भी धीरे-धीरे कंट्रोल में लाया जा रहा है। नए बिजनेसेज ने भी इन्वेस्टमेंट और शुरुआती दौर में होने के बावजूद मजबूत परफॉर्मेंस दी है।
ग्रुप का मार्केट कैप
फाइनेंशियल ईयर 2026 के दौरान टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 11.6% गिर गया। यह फिस्कल ईयर के आखिर तक लगभग ₹3.2 लाख करोड़ घटकर ₹24.39 लाख करोड़ रह गया। उसके बाद से ग्रुप की मार्केट वैल्यू में लगभग 5.4% की रिकवरी हुई है। 25 जून तक इसमें लगभग ₹1.31 लाख करोड़ जुड़कर यह ₹25.70 लाख करोड़ हो गई है।
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