'बहुध्रुवीय विश्व की ओर बढ़ रही दुनिया'
संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में एकत्र दुनिया भर के नेताओं को संबोधित करते हुए, गुतारेस ने भू-राजनीतिक मतभेदों के बढ़ने, असमानताओं के गहराने और विश्वास में कमी आने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब आर्थिक, राजनीतिक और प्रौद्योगिकी प्रभाव के नये केंद्र उभरे हैं और मानव तेजी से मशीनों को जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं, ‘हमारे संस्थान और वैश्विक शासन की प्रणालियां अब भी काफी हद तक बीते हुए दौर की ताकतों की वास्तविकताओं और हितों को ही दर्शाती हैं।’महासचिव ने कहा, ‘हमारे सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में जब मानवता को एक साथ कई तरह के अभूतपूर्व खतरों का सामना करना पड़ रहा है, सामूहिक कार्रवाई के हमारे तंत्र पर दबाव बढ़ रहा है।’ संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि ‘हम स्पष्ट तौर पर एक बहुध्रुवीय विश्व की ओर बढ़ रहे हैं। और यह बदलाव ऐसा है जिसे पलटा नहीं जा सकता।’ हालांकि उन्होंने आगाह किया कि बहुध्रुवीयता कई अलग-अलग तरीकों से आकार ले सकती है।