नई दिल्ली: ईरान को तबाह करने चला अमेरिका इस आग में खुद झुलस गया है। ईरान युद्ध की आग अमेरिका तक पहुंच गई है। दरअसल, ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz ) में जारी तनाव ने अमेरिका में ईंधन की कीमतों में आग लगा दी है। अमेरिका में जहां पेट्रोल की कीमतें पिछले करीब दो महीने में 50 फीसदी बढ़ गई हैं।
युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका में पेट्रोल (गैसोलीन) की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। एएए (AAA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महज एक हफ्ते में ही पेट्रोल की औसत कीमत 31 सेंट बढ़कर 4.48 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। इन कीमतों ने पिछले चार साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है। मंगलवार को अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.51 डॉलर प्रति गैलन दर्ज की गई।
4 साल का तोड़ा रेकॉर्ड
एबीसी न्यूज और गैसबडी (GasBuddy) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में पेट्रोल की कीमत में यह जुलाई 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। युद्ध शुरू होने यानी 28 फरवरी से अब तक राष्ट्रीय औसत कीमतों में 1.54 डॉलर प्रति गैलन की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है।
होर्मुज ने बढ़ाई टेंशन
दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। वर्तमान में यह मार्ग गंभीर रूप से बाधित है, जिससे तेल टैंकर फंसे हुए हैं।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने इसे तेल बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सप्लाई डिस्रप्शन करार दिया है।
इस संकट के कारण अप्रैल की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं।
अमेरिका में क्यों आई तेजी?
विश्लेषकों का मानना है कि अप्रैल में ईरानी तेल निर्यात को ब्लॉक करने के अमेरिकी फैसले ने कीमतों में आग लगाने का काम किया है।
ग्लोबल फ्यूल रिटेल (S&P Global Energy) के निदेशक रॉब स्मिथ के अनुसार, बाजार में मांग और आपूर्ति का गहरा असंतुलन है, जो कीमतों को नीचे नहीं आने दे रहा।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों का कहना है कि तेल बाजार वर्तमान में व्हाइट हाउस के फैसलों और मिडिल ईस्ट के घटनाक्रमों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
क्या है अमेरिका में पेट्रोल का गणित?
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, अमेरिका में एक गैलन पेट्रोल की कीमत में 51 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल की लागत का होता है। यही कारण है कि जैसे ही ग्लोबल मार्केट में क्रूड महंगा हुआ, अमेरिकी पंपों पर कीमतें रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।
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